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टीकाकरण से पुरानी बीमारी का नहीं हुआ सुधार

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Amar ujala Health Abhiyan in Champawat And Pithauragarh
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पिथौरागढ़। दो साल पहले मार्च में आई कोविड की पहली लहर में संक्रमितों की मौत से लोगों में काफी डर का माहौल रहा। लोगों के घरों में कैद रहने से बाजार और सड़कें पूरी तरह सूनी हो चुकी थीं। जैसे ही टीकाकरण शुरू हुआ लोगों ने सुरक्षा कवच को अपना शुरू किया। टीकाकरण केंद्रों पर लाइनें लगी मिलीं।
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जनवरी 2021 में पहले चरण का टीकाकरण शुरू हुआ। इसके बाद फरवरी 2021 में दूसरे चरण का टीकाकरण शुरू हुआ। पहले चरण के टीकाकरण में सबसे अधिक उत्साह देखने को मिला। दूसरे चरण के टीकाकरण में उत्साह दोगुना हो गया। सात मई 2021 से 18 से 44 आयु वर्ग के युवाओं का टीकाकरण हुआ। इसमें सबसे अधिक उत्साह देखने को मिला। लोग सुबह से ही लंबी लाइन लगाकर टीकाकरण कराने पहुंच रहे थे। धूप और बारिश के बाद भी युवा टीकाकरण के लिए केंद्रों में घंटों डटे रहे।
पुरानी बीमारियां ठीक होने का कोई रिकॉर्ड नहीं
पिथौरागढ़। कोविड का टीका लगाने के बाद बाद बच्चों की पुरानी बीमारियां ठीक हुई या नहीं इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं हैं। प्रतिरक्षण सहायक मोहित पंत ने बताया कि टीका लगने के बाद सभी खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे थे, जिनको कोरोना के टीके लगे, उनमें से पांच फीसदी को दोबारा भी कोरोना हुआ लेकिन वे ठीक भी हुए। हालांकि मौत का आंकड़ा काफी कम रहा।
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दूसरी लहर में गई थी 112 लोगों की जान
पिथौरागढ़। जिले में कोविड की पहली लहर में 112 लोगों की जान गई जबकि पहली लहर में मौत का आंकड़ा 49 था। कोविड की तीसरी लहर में तीन लोगों की मौत हुई। हालांकि तीसरी लहर में संक्रमितों की संख्या अधिक रही। पहली लहर में शासन पूरी तरह से सख्त नजर आया। लॉकडाउन में हर चौराहे पर आने जाने वालों से पूछताछ की गई। बेवजह सड़क पर घूमने वालों वापस घर भेजा गया। दूसरी लहर में ढिलाई शुरू हो गई। लॉकडाउन के दौरान सड़क में घूमने वालों से पूछताछ भी कम हो गई। हालांकि मास्क न पहनने वालों के चालान लगातार किए जा रहे थे। तीसरी लहर में भी मास्क न पहनने वालों पर कार्रवाई हुई लेकिन सख्ती कम रही। अब बाजार में कोई मास्क पहन कर आ रहा है तो कोई बिना मास्क के घूम रहे हैं। हालांकि स्कूलों में मास्क अनिवार्य रूप से लागू किया गया।
जिले में मिले थी 12362 संक्रमित
पिथौरागढ़। जिले में कोविड की तीनों लहर में 12362 लोग संक्रमित हुए। पहली लहर में संक्रमितों का आंकड़ा करीब 4000 रहा जबकि दूसरी लहर में 6500 से अधिक रहा। तीसरी लहर में हजार से अधिक संक्रमित मिले। रिकॉर्ड रखने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आई। हालांकि संचार विहीन क्षेत्रों में टीकाकरण के बाद रिपोर्ट मिलना थोड़ा मुश्किल हुआ।
अन्य अभियानों में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आई
पिथौरागढ़। सीएमओ डॉ. एचएस ह्यांकी ने बताया कि कोरोना के दौरान अन्य टीकाकरणों में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आई। नियमित रूप से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीका लगाने का काम किया गया। चरणबद्ध तरीके से टीकाकरण आसान रहा। पल्स पोलियो अभियान भी नियमित रूप से चलते रहे।
कोविड टीकाकरण हुआ प्रभावित
पिथौरागढ़। कोविड टीकाकरण टीके के उपलब्ध न होने के कारण प्रभावित रहा। पूर्व में केंद्र से जारी निर्देशों के बाद पहले कोविशील्ड के टीके के 28 दिन बाद दूसरा टीका लगाया जाना था। लोगों की संख्या बढ़ने के बाद टीके केंद्रों में लगातार खत्म होते रहे। इसके बाद केंद्र ने कोविशील्ड का टीका 90 दिन बाद लगाने के निर्देश दिए गए। बीच बीच में टीकों की किल्लत के बाद एक से लेकर सात दिन तक भी टीकाकरण प्रभावित हुआ।
टीकाकरण से पुरानी बीमारी का नहीं हुआ सुधार
चंपावत। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए किशोरों (12 से 14 वर्ष आयु समूह) के टीकाकरण की गति अच्छी है। पिछले 24 घंटों में 223 बच्चों ने टीके लगाए। वहीं चंपावत जिले में इस आयु वर्ग के 9684 बच्चों में से 3347 बच्चों (34.56 प्रतिशत) ने पहली खुराक लगाई है लेकिन टीकाकरण से किसी तरह की पुरानी बीमारी ठीक होने का मामला सामने नहीं आया है। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि टीकाकरण लगने से बच्चों में प्रतिरक्षण बढ़ रहा है, लेकिन किसी पुरानी परेशानी ठीक होने की जानकारी किसी केंद्र से नहीं मिली है।
टीकाकरण में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी लगने से छिटपुट रूप से पोलियो पर असर पड़ा है। चंपावत जिले में इसी साल 20 फरवरी को हुए पल्स पोलियो अभियान में 270 बूथों में 32328 शिशुओं में से 18515 (57.27 प्रतिशत) ने ही पोलियो से बचाव की खुराक पी। घर-घर जाकर चलाए अभियान में जरूर लक्ष्य हासिल हुआ। सीएमओ का कहना है कि पोलियो अभियान के लिए विभाग की दूसरी योजनाओं के कार्मिकों को ड्यूटी पर लगाना पड़ा। मिशन इंद्रधनुष के तहत विभिन्न टीकों से छूट गए बच्चों को टीके लगाने के अभियान को नियमित रूप से संचालित किया गया है।
टीकाकरण पर भारी बोर्ड परीक्षा, सिर्फ 10 किशोरों ने लगाया टीका
चंपावत। टीकाकरण को लेकर किशोरों में उत्साह तो खूब है, लेकिन अब बोर्ड परीक्षा की वजह से टीका लगाने वालों की संख्या में भारी गिरावट आई है। जिले में बीते 24 घंटों में 15 से 17 साल के महज 10 बच्चों ने ही टीका लगाया। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि चार बच्चों ने पहली और छह बच्चों ने दूसरी खुराक ली।
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चंपावत जिले के कोरोना टीकाकरण संबंधी आंकड़े
श्रेणी लक्ष्य प्रथम खुराक दूसरी खुराक
15 से 17 वर्ष 15516 12652 7747
12 से 14 वर्ष 9684 3347 0000
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