हल्द्वानी। मानसून की दस्तक से पहले ही संक्रमणजनित बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। कुमाऊं के विभिन्न जिलों से रेफर होकर आने वाले रोगियों की बढ़ती संख्या के कारण सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) के मेडिसिन विभाग के सभी 120 बेड पैक हो चुके हैं। अस्पताल का 11 बेड का आईसीयू भी फुल है। गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
सुशीला तिवारी अस्पताल कुमाऊं का सबसे बड़ा सरकारी रेफरल केंद्र है। यहां अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर समेत विभिन्न जिलों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इन दिनों मेडिसिन विभाग में हार्ट फेलियर, किडनी और लीवर संबंधी गंभीर बीमारियों के काफी मरीज भर्ती हैं।
इसके अलावा बुखार, निमोनिया, विभिन्न संक्रमण और सर्पदंश के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मरीजों के बढ़ते दबाव के चलते विभाग के सभी बेड भरे हुए हैं। गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए बनाए गए आईसीयू के भी सभी बेड भरे होने से चुनौती बढ़ गई है।
इधर अस्पताल की ओपीडी भी बढ़ रही है। शुक्रवार को मेडिसिन विभाग में 244, ऑर्थो में 115, त्वचा रोग विभाग में 173, नेत्र में 125, टीबी चेस्ट में 125 और न्यूरो सर्जरी में 120 मरीज इलाज के लिए पहुंचे।
मौसम में बदलाव के साथ संक्रमणजनित बीमारियों के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है। कुमाऊं के दूरस्थ क्षेत्रों से रेफर होने वाले गंभीर मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। ऐसे में अस्पताल में मरीजों का दबाव लगातार बना हुआ है। हालांकि मरीज ठीक होकर जा रहे हैं और बेड सभी मरीजों को उपलब्ध कराया जा रहा है। अगर आगे ज्यादा जरूरत पड़ेगी तो वैकल्पिक व्यवस्था है और मरीज को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। -
डॉ. परमजीत सिंह , वरिष्ठ चिकित्साधिकारी, मेडिसिन विभाग