विकास खंड के अलचौना गांव में खुले बार को बंद कराने की मांग को लेकर बीते दो दिनों से चल रहा धरना-प्रदर्शन रविवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट से हुई वार्ता के बाद फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। संयुक्त मजिस्ट्रेट आशीष चौहान ने जनाक्रोश को देखते हुए बार स्वामी को अग्रिम आदेशों तक बार बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
शासन से स्वीकृति मिलने के बाद चांफी निवासी एक व्यक्ति ने चांफी के लिए स्वीकृत बार को अलचौना गांव में खोल दिया था। बार खुलने से आसपास के ग्रामीण खासे गुस्से में थे और बीते दो दिनों से बार के सामने ही धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। रविवार शाम संयुक्त मजिस्ट्रेट आशीष चौहान राजस्व और पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान आंदोलित महिलाओं का कहना था कि गांव में बार खुलने से गांव का माहौल खराब होगा, महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल होगा।
बच्चों पर भी गलत प्रभाव पड़ेगा और बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ेगी। इधर, बार स्वामी के अधिवक्ता ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को बार से संबंधित दस्तावेज दिखाए। मौके की नजाकत को देखते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट ने बार स्वामी को अग्रिम आदेशों तक बार बंद रखने के निर्देश दिए। वार्ता में प्रदर्शनकारियों की ओर से ग्राम प्रधान भावना वर्मा, लोकेश वर्मा, विधायक प्रतिनिधि दिनेश सांगु़ड़ी, राज्य आंदोलनकारी पुष्कर सिंह मेहरा, देवकी पांडे, राजेश मेर, सुरेंद्र परिहार, गीता पांडे, भूपेंद्र कन्नौजिया, प्रेम कुल्याल आदि थे।