हल्द्वानी। शहर में आग बुझाने के लिए लगाए गए फायर हाइड्रेंट पेयजल लाइन से जुड़े हैं। हाइड्रेंड में पानी सप्लाई उसी स्टोर किए हुए पानी से होती है जो लोगों के घरों तक पीने के लिए पहुंचता है। ऐसे में अगर कभी शहर में पानी की सप्लाई पूरी करने के बाद टैंकों में पानी नहीं हुआ तो फायर हाइड्रेंट को जल मिलना मुश्किल होगा। ऐसे में अग्निकांड के दौरान बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सालों पहले लगाए गए फायर हाइड्रेंट के लिए पानी की अलग से पाइपलाइन अब तक नहीं बिछाई गई है। आपात स्थिति में काम आने वाले हाइड्रेंट शहर की आबादी की पेयजलापूर्ति वाली लाइन पर ही आश्रित हैं। शहर में आग बुझाने के लिए जल संस्थान के साथ ही मंडी परिषद, जल निगम के 15 फायर हाइड्रेंट लगे हैं। ये गौला वाली लाइन व ट्यूबवेलों की लाइनों से जुड़े हैं। ऐसे में पेयजलापूर्ति होने के बाद आग लगने की स्थिति में पानी का इंतजाम करना चुनौती से कम नहीं होगा।