नैनीताल। राज्यवासी प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हैं। खेत-खलिहान भूस्खलन से प्रभावित हैं। अधिकारी प्रभावितों को नियमों का हवाला देकर प्रभावितों को उचित मुआवजा नहीं दे रहे जिससे आमजन का जीवनयापन कठिन हो गया है।
बुधवार को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की खुर्पाताल में हुई बैठक में राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी ने यह बात कही। राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी ने कहा नैनीताल जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो चुकी है। योजनाएं पहाड़ की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं बन रही हैं। डॉ. सुरेश डालाकोटी ने कहा कि पलायन, बेरोजगारी, शिक्षा व स्वास्थ्य की समस्याओं से गांव लगातार खाली होते जा रहे हैं लेकिन किसी की जवाबदेही तय नहीं हो रही है। सभा में निर्णय लिया गया कि आंदोलनकारी शीघ्र सरकार से मिलकर इन समस्याओं का समाधान मांगेंगे। समाधान न हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवकी बिष्ट, प्रधान हंसी नेगी को सम्मानित किया गया। इस मौके पर भुवन जोशी, कमलेश पांडे, हुकम सिंह कुंवर, पानसिंह सिजवाली, मनमोहन कनवाल, डॉ. मनोज बिष्ट, दीवान सिंह, मुकेश जोशी आदि मौजूद रहे।