पीरूमद्वारा निवासी छात्रा अधिकता रौतेला का नामांकन इंटरनेशनल चिल्ड्रन पीस प्राइज के लिए हुआ है। इसमें नामांकित बच्चों के श्रेष्ठ कार्यों को देखने के बाद पुरस्कार के लिए बच्चों का चयन होगा।
उत्तराखंड से अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामित होने वाली अधिकता अकेली छात्रा हैं। भारत से इस पुरस्कार के लिए छह बच्चों का नाम अंतरराष्ट्रीय पैनल के लिए भेजा गया है।
उत्तराखंड की परिवहन व्यवस्था को बदहाल बताते हुए अधिकता ने बसों में छात्राओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ और अभद्रता की घटनाओं की रोकथाम का बीड़ा उठाया। उन्होंने छात्राओं को बसों में सुरक्षा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए बस सेवा शुरू करने की मांग की।
स्कूल प्रशासन, जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार तक उसने गुहार लगाई, लेकिन उसकी इस मुहिम को किसी भी स्तर पर सहयोग नहीं मिला। अंत में उसने स्कूली छात्र-छात्राओं की रैली निकालकर छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल बस सेवा शुरू किए जाने की मांग की।
रैली निकाले जाने पर स्कूल प्रशासन ने उसका उत्पीड़न किया, लेकिन उसने अपना अभियान छोड़ा नहीं। अधिकता के अभियान को जिले विमर्श संस्था ने सराहा और अंतरराष्ट्रीय पीस प्राइज के लिए आनलाइन उसका नाम चाइल्ड नेटवर्क उमंग को भेजा।
चाइल्ड नेटवर्क का संचालन श्री भुवनेश्वरी आश्रम उत्तरकाशी को भेजा। आश्रम संचालक गजेंद्र नौटियाल ने अधिकता को नामित किए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि जेनेवा में 11 नवंबर को इंटरनेशनल पीस प्राइज विजेताओं का नाम घोषित होगा।
विमर्श की कंचन भंडारी और भुवनेश्वरी आश्रम के गजेंद्र नौटियाल ने बताया कि स्कूली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अधिकता द्वारा चलाई गई मुहिम की बदौलत ही प्रदेश से एकमात्र उसका चयन हुआ है।
अधिकता ने कहा कि वह बालिकाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी। अधिकता उमंग चाइल्ड नेटवर्क द्वारा बच्चों के विकास के लिए चलाई जाने वाली बाल विधानसभा में विधायक के साथ ही गृह मंत्री हैं।