हल्द्वानी के गौला खनन क्षेत्र में बुधवार को संयुक्त टीम ने छापा मारा। छापे में 53,748 हजार घनमीटर अवैध खनन की पुष्टि हुई है। टीम ने वन निगम पर 10 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगाया है। आरोप है कि छापे के दौरान लालकुआं खनन प्रभाग के डीएलएम मौके से भाग निकले।
गौला में प्रशासन ने मंगलवार को इंद्रानगर क्षेत्र में छापा मारा था। अवैध खनन मिलने पर दो करोड़ 67 लाख का जुर्माना लगाया गया। बुधवार को फिर एसडीएम पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में मोटाहल्दू, बेरीपड़ाव, हल्दूचौड़ और देवरामपुर गेटों पर छापा मारा गया।
यहां पर 53,748 घनमीटर खनिज की निकासी प्रतिबंधित क्षेत्र में किए जाने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा अवैध खनन करने के लिए सीमांकन पीलर को गिरा तक दिया गया था। इसमें मोटाहल्दू क्षेत्र में पश्चिम दिशा में खूब अवैध खनन किया गया था। यही नहीं, हल्दूचौड़ और देवरामपुर में मानकों से ज्यादा गहराई तक खनन किया गया था।
कार्रवाई के दौरान वन निगम की टीम साथ थी, लेकिन मोटाहल्दू गेट से प्रभागीय प्रबंधक अपनी टीम के साथ मौके से चले गए। जुर्माने के साथ रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। कार्रवाई में तहसीलदार मोहन सिंह बिष्ट, आरओ चंदन सिंह अधिकारी, खान विभाग सर्वेयर विनोद पांडे, बिरेंद्रर शामिल थे। डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते का कहना है कि अवैध खनन के लिए वन निगम जिम्मेदार हैं, उचित कार्रवाई की जाएगी।
गेट बंद होने की आशंका
प्रशासन द्वारा कराए गए संयुक्त पैमाईश से दो दिन के भीतर गौला नदी के चारों उपखनिज निकासी गेट बंद होने की आशंका को लेकर चर्चा व्यवसायियों के बीच हो रही।