हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती हत्यारोपी विप्लव सरकार उर्फ रवि पुलिसकर्मियों को चकमा देकर शनिवार की सुबह हथकड़ी के साथ भाग गया। उसे सितारगंज पुलिस कोरोना जांच के लिए अस्पताल लाई थी। पुलिस करीब 17 घंटे बाद उसे रामपुर रोड के बेलबाबा मंदिर के पास से पकड़ पाई। उसकी सुरक्षा में तैनात सिपाही संतोष कुमार की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने धारा 224 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
दक्षिण दिल्ली के भीम बस्ती अंबेडकरनगर थाना फतेहपुर बेरी निवासी विप्लव सरकार उर्फ रवि उर्फ आकाश को सितारगंज पुलिस ने सुशांत सरकार की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। घटना शक्तिफार्म रुद्रपुर जेल कैंप सूखी नदी में हुई थी। सितारगंज थाने के दो सिपाही संतोष कुमार और आदर्श कुमार ने शुक्रवार की शाम विप्लव को कोरोना टेस्ट के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया था। उसे वार्ड बी में रखा गया था।
शनिवार की सुबह पौने छह बजे सिपाहियों ने देखा कि विप्लव बेड से गायब है। तलाश करने के बाद वह नहीं मिला तो हल्द्वानी पुलिस को अवगत कराया गया। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव, सीओ शांतनु पाराशर, कोतवाल संजय कुमार पुलिस फोर्स के साथ अस्पताल परिसर पहुंचे। एसटीएच के एक कैमरे की फुटेज में वह वार्ड बी के पिछले दरवाजे से सुबह पांच बजकर 13 मिनट पर निकलता हुआ दिखाई दिया। इस रास्ते का इस्तेमाल सफाई कर्मचारी ही करते हैं। वह दीवार फांदकर गया था।
विप्लव सरकार को कोतवाली पुलिस ने बेलबाबा मंदिर से शनिवार की रात करीब नौ बजकर 40 मिनट पर गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि वह सतवाल पेट्रोल पंप से ओपन यूनिवर्सिटी से सटे जंगल में घुस गया था। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि उसने तीन बार निकलने की कोशिश की लेकिन पकड़े जाने के डर से अंदर बैठा रहा। अंधेरा होने पर वह रुद्रपुर जाने के लिए वाहन का
इंतजार कर रहा था।
एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने कहा कि पुलिस कस्टडी से आरोपी के भागने की घटना को घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना जाएगा। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कई वारदातों में शामिल रहा है
हल्द्वानी। पुलिस का कहना है कि विप्लव दिल्ली में हत्या सहित कई आपराधिक वारदातें चुका है। उसके दाहिने पैर में चोट लगी है।
हत्या के बाद हल्द्वानी आया था हत्यारोपी
हल्द्वानी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विप्लव सरकार उर्फ रवि नाम बदलकर रहता था। शक के आधार पर उसने अपने रिश्तेदार सुशांत सरकार की हत्या कर दी थी। शक्तिफार्म सूखी नदी में हत्या करने के बाद वह बाइक से भागा था और नैनीताल की तरफ जाना चाहता था लेकिन पुुलिस के पीछा करने पर वह रानीबाग से मुड़कर गांव के रास्तों से होकर रुद्रपुर की तरफ चला गया। इसके बाद उसे सितारगंज पुलिस ने अपने ही क्षेत्र में गिरफ्तार कर लिया।
अस्पताल में सुरक्षा की कलई खुली
हल्द्वानी। दो पुलिसकर्मियों को चकमा देकर अस्पताल से हत्यारोपी के फरार होने से पुलिस सुरक्षा की कलई खुल गई है। पुलिस अधिकारियों की ओर से किसी भी मुल्जिम को कस्टडी में रखते समय चौकसी बरतने की गाइडलाइन जारी की गई थी। फिर भी सिपाही आरोपी को छोड़कर दूसरे स्थान पर सोने चले गए और मौका पाकर वह हथकड़ी के साथ फरार हो गया।
पहले भी भागे हैं आरोपी
02 जुलाई 2020: मुखानी थाने का गैंगेस्टर पवन कुशवाहा भागा, सात घंटे में पकड़ा गया
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