हल्द्वानी। सोमवार देर रात चार दोस्तों की सड़क हादसे में मौत के बाद मंगलवार को जब उनके शव घर पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। बेसुध हुए घरवालों को रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने किसी तरह संभाला।
मंगलवार रात बद्रीपुरा निवासी कार्तिक डोभाल (22), चित्रेश गुप्ता (19), प्रियांशु बिष्ट (22) और पीलीकोठी श्रीजी कॉलोनी निवासी अक्षय आहूजा (24) और कमल पांडे कार से घूमने के लिए निकले। गौलापार खेड़ा की ओर से जाते समय उनकी कार कुंवरपुर चौराहे के पास एक पेड़ से टकराने के बाद दुकान में घुस गई। हादसे में कार्तिक डोभाल, चित्रेश गुप्ता, प्रियांशु बिष्ट और अक्षय आहूजा की मौत हो गईं जबकि घायल कमल पांडे का ठंडी सड़क स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने चारों दोस्तों के शवों को परिजनों को सौंपा। तीन दोस्तों के शव बद्रीपुरा उनके घर लाए गए तो वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। महिलाओं के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया।
लोगों का कहना था कि चार दोस्तों के लिए सोमवार रात काली साबित हुई। परिजनों ने बताया कि कार्तिक दो भाइयों में छोटा था। वह डीएसबी परिसर में बीकॉम का छात्र था। उसका बड़ा भाई सेना में कमांडो है। पिता राजेंद्र डोभाल का रेस्टोरेंट है, जबकि चित्रेश के पिता राजेश गुप्ता का दो साल पहले निधन हो गया था। चित्रेश पालीटेक्निक करने के बाद बीटेक में प्रवेश की तैयारी कर रहा था। दो भाइयों में बड़े प्रियांशु के पिता का रेलवे बाजार में रेस्टोरेंट है और वह पिता तारा बिष्ट के काम में हाथ बंटाता था।
दो बहनों का इकलौता भाई था अक्षय
श्रीजी कॉलोनी पीलीकोठी निवासी अक्षय आहूजा के पिता महेश की साइकिल की दुकान है। इकलौते बेटे का शव घर लाया गया तो मां बेसुध हो गई। सड़क हादसे में घर का इकलौता चिराग बुझ गया।
तीन दोस्तों की अंतिम यात्रा एकसाथ निकली
बद्रीपुरा निवासी तीन दोस्तों कार्तिक डोभाल, चित्रेश गुप्ता और प्रियांशु बिष्ट की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गईं। इस दौरान अंतिम यात्रा में मौजूद हर किसी की आंख नम हो गई।
दो जगहों पर हुई अंत्येष्टि
राजपुरा श्मशान घाट मेें अक्षय आहूजा और चित्रेश गुप्ता का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं प्रियांशु बिष्ट और कार्तिक डोभाल की अंत्येष्टि चित्रशिला घाट पर की गई।