हल्द्वानी। शनिबाजार रोड स्थित इंदिरानगर रेलवे क्रॉसिंग के पास सोमवार शाम साढ़े छह बजे तेज रफ्तार कैंटर ने इलेक्ट्रिक स्कूटी पर सवार दो किशोरियों को टक्कर मार दी। हादसे में पीछे बैठी मुरादाबाद निवासी आदिया (14) की कैंटर के पिछले पहिये की चपेट में आकर मौत हो गई। गुस्साए लोगों के कैंटर चालक को पीटा और वाहन पर पथराव किया। पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है।
मुरादाबाद निवासी अब्दुल रहमान की बेटी आदिया बकरीद के दौरान परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बनभूलपुरा के गौजाजाली निवासी अपने मामा शानू के यहां आई थी। बनभूलपुरा कोतवाली के इंस्पेक्टर डीएस फर्त्याल ने बताया कि सोमवार शाम शानू की बेटी शकीना फातिमा अपनी ममेरी बहन आदिया के साथ बाजार से खरीदारी कर इलेक्ट्रिक स्कूटी पर घर लौट रही थी। शाम साढ़े छह बजे के करीब वह मंडी की तरफ से जैसे ही रेलवे फाटक के पास पहुंची तो तेज रफ्तार कैंटर ने पीछे से उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी चला रही शकीना सड़क के बाईं ओर गिरकर मामूली रूप से चोटिल हो गई जबकि सड़क पर गिरी आदिया कैंटर के पिछले पहिये के नीचे आ गई। सिर पर टायर चढ़ने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ममेरी बहन को इस स्थिति में देखकर शकीना सदमे में आ गई।
लोगों का फूटा गुस्सा, डेढ़ घंटे तक लगा जाम
घटना के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। रेलवे फाटक से मंडी चौराहे तक डेढ़ घंटे वाहनों का जाम लग गया। लोगों ने कैंटर के तेज रफ्तार पर चलने की बात कहते हुए इस मार्ग से भारी वाहनों के आवाजाही पर पाबंदी की मांग की। लोगों में मय फोर्स मौके पर पहुंचे सीओ अमित कुमार सैनी से कहा कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार से भारी वाहन गुजरते हैं। यह मार्ग भीड़भाड़ इलाके में है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सड़क पर खरीदारी करते हैं। उन्होंने इस मार्ग को नो-एंट्री जोन बनाने की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना था कि भारी वाहनों को शनि बाजार के बदले तीनपानी से मंडी की तरफ भेजा जाए। सीओ ने लोगों को समझाकर रास्ता साफ कराया। बालिका के शव को मोर्चरी भेजा गया है। उसका मंगलवार को पोस्टमार्टम होगा।
मामू बोले-बहन को क्या जवाब दूंगा
आदिया बकरीद पर्व पर अपने परिवार वालों के साथ मामा शानू के घर आई थी। यहां पूरे परिवार ने त्योहार मनाया। मुरादाबाद में गर्मी बढ़ी तो परिवार ने जून की पूरी छुट्टी यहीं बिताने का निर्णय लिया। एसटीएच में मामा शानू की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। कहने लगे आदिया की मां को क्या जवाब दूंगा। इस घटना ने उन्हें सबसे ज्यादा आहत किया है। आदिया के पिता विदेश में नौकरी करते हैं।
नो-एंट्री बनाने के लिए कितनी मौतों का इंतजार
जनवरी में पनचक्की-मुखानी मार्ग पर नो-एंट्री में कैप्सूल वाहन से कुचलकर अमित की मौत हुई तो प्रशासन व पुलिस के अधिकारी खामोश रहे। इसके बाद 22 फरवरी को नो-एंट्री में घुसकर कैंटर ने बुजुर्ग सुरेश चंद्र पांडेय को रौंदा तो कार्रवाई शुरू हुई। मजिस्ट्रेटी जांच हुई लेकिन कार्रवाई कागजों में अब तक दफन है। पुलिस ने नो-एंट्री का प्लान बनाया लेकिन वह भी फाइलों से बाहर नहीं निकल पाया। इसी लापरवाही का नतीजा रहा कि 18 मार्च को फिर घटना हुई। तेज रफ्तार डंपर ने टीपीनगर चौराहा पर सड़क किनारे खड़े अनिल सिंह रौतेला को कुचल दिया। डंपर टक्कर मारने के बाद नो-एंट्री जोन में ही भगा।
कैंटर की टक्कर के बाद एक बालिका उसके पहिये के नीचे आ गई। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वाहन कब्जे में लेकर चालक को हिरासत में लिया गया है। तहरीर मिलते ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। - अमित कुमार सैनी, सीओ हल्द्वानी