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Nainital News: हत्यारा शरीर को मारता है, दुष्कर्मी आत्मा को

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हल्द्वानी। स्पेशल जज पॉक्सो सुधीर तोमर की अदालत ने सोमवार को पांच साल पुराने में उत्तर प्रदेश के कासगंज के आरोपी को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए 20 साल के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पीड़िता को प्रतिकर के रूप में चार लाख रुपये भी देने होंगे। कोर्ट ने यह टिप्पणी भी की है कि महिला का शरीर मंदिर की तरह है। महिला ही तय कर सकती है कि इसमें कौन आ सकता है...। कहा, एक हत्यारा शरीर को मारता है जबकि एक दुष्कर्मी आत्मा को मार देता है।
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वादी ने 23 मार्च 2023 को लालकुआं थाने में अपनी 16 साल की बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में एक्शन लेते हुए किशोरी की बरामदगी की थी। पूछताछ में सामने आया कि पीड़िता अपने घर से गई थी। वह घर से किच्छा रेलवे स्टेशन पर पहुंची। यहां एक अनजान युवक से उसकी बातचीत हुई। युवक ने अपना नाम सिंटू बताया। वह नाबालिग को नौकरी दिलाने के बहाने रुद्रपुर लेकर गया गया था। वहां पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। फिर उसे लेकर रामपुर और मथुरा भी गया। मथुरा रेलवे स्टेशन पर दोनों पर शक हुआ तो रेलवे पुलिस ने उन्हें पकड़कर लालकुआं पुलिस को जानकारी दी। 26 मार्च 2023 को किशोरी को परिजनों को सौंप दिया गया। किशोरी ने बताया कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर आरोपी ने उससे दुष्कर्म किया। स्पेशल जज पॉक्सो सुधीर तोमर ने आरोपी को दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सिंटू कुमार उर्फ सिंटू यादव निवासी गाम बमिया थाना पटियाली, कासगंज यूपी को सजा सुनाई।

हत्यारा शरीर को मारता है, दुष्कर्मी आत्मा को

अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि मामले की जितनी भर्त्सना की जाए वह कम है। एक हत्यारा शरीर को मारता है जबकि एक दुष्कर्मी आत्मा को मार देता है। दूसरे शब्दों में कहे कि बलात्कारी घृणित, दूषित, कलुषित एवं पथ विचलित मानसिक प्रवृत्ति का है। मानसिक प्रवृत्ति ही कामुक पुरुष को महिला के अस्तित्व को नष्ट करने के लिए प्रेरित करता है। दुष्कर्म से उपजी मानसिक व शारीरिक पीड़ा को शब्दों में बयान कर पाना एक महिला के लिए मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। न्यायालय ने यह भी कहा कि एक महिला का शरीर एक मंदिर की तरह होता है और वह महिला ही तय कर सकती है कि इसमें कौन आ सकता है। किसी को उसके साथ जबरदस्ती करने का अधिकार नहीं है।
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