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कलक्ट्रेट ढांचे का होगा पुनर्गठन : डा.हृदयेश

Thu, 06 Nov 2014 05:30 AM IST
Nainital
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हल्द्वानी। वित्त मंत्री एवं राजस्व विभाग के अधीन कर्मचारी संगठनों की मांगों के संबंध में गठित मंत्रिमंडल उप समिति की अध्यक्ष डा. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि कर्मचारियों की मांग के संबंध में समिति ने कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल संघ, संग्रह अमीन संघ एवं रजिस्ट्रार संघ से वार्ता की। इसमें कुछ मांगों पर नियमानुसार सहमति प्रदान की गई है। इसके तहत एक महीने में कलक्ट्रेट ढांचे का पुनर्गठन होगा।
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कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल संघ की दो प्रमुख मांग कलक्ट्रेट ढांचे का पुनर्गठन और नायब तहसीलदार पद प्रमोशन थी, इसमें तय हुआ कि कलक्ट्रेट ढांचे का पुनर्गठन का प्रस्ताव शासन स्तर से तैयार कर मंत्रिमंडल में प्रस्तुत होगा। समिति को पदों को बढ़ाने-घटाने पर कोई आपत्ति नहीं होगी। नायब तहसीलदार पद पर प्रमोशन की बात तो यह सभी संघों और महत्वपूर्ण कार्मिक नीति से संबंधित है, इस पर व्यापक विचार विमर्श कर कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
डा. हृदयेश ने बताया कि राजस्व संग्रह अमीन संघ की चार मांगें प्रस्तुत की गई। इसमें नायब तहसीलदार पद पर प्रमोशन, नियुक्ति तिथि से सेवा लाभ, पे ग्रेड का उच्चीकरण, स्टेशनरी भत्ता अनुमन्य किया जाना था। तय हुआ कि नायब तहसीलदार पद पर प्रमोशन के संबंध में उपरोक्त तरह से कार्रवाई होगी। संवर्ग को सहकारिता विभाग में अमीनों को दी गई प्रक्रिया के अनुरूप सेवा का लाभ अनुमन्य किया जाएगा। संवर्ग को लेखापाल संवर्ग की भांति स्टेशनरी भत्ता दिया जाएगा।
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पर्वतीय राजस्व पुलिस (पटवारी) संघ द्वारा पुलिस कार्यों का परित्याग किया गया है, जिसे समिति द्वारा गंभीर विषय माना गया है राजस्व पुलिस के सुदृढ़ीकरण से संबंधित मांगों पर जल्द अलग से बैठक कर सकारात्मक कार्यवाही करने का फैसला लिया गया।
रजिस्ट्रार कानूनगो संघ द्वारा सदर कानूनगो के अनुरूप वेतन पुनरीक्षण की मांग थी, वित्त मंत्री ने बताया कि सदर कानूनगो एवं रजिस्ट्रार कानूनगो का वेतनमान और पोषक संवर्ग सामान है, इस संबंध में वेतन त्रुटि का समाधान जल्द समिति द्वारा किया जाएगा। लेखपाल संघ द्वारा कोई विशिष्ट मांग बैठक में समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं हुई। उन्होंने बताया कि समिति जिसमें चिकित्सा शिक्षा मंत्री हरक सिंह रावत एवं सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य शामिल थे, दो दिन मंथन कर संगठन की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही करने पर सहमति प्रदान की गई। वित्त मंत्री ने कहा कि कर्मियों के खिलाफ कोई भी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं होगी।
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