हल्द्वानी। आरबीआई की ओर से जारी ‘क्लीन नोट पॉलिसी’ के तहत गंदे और फटे-पुराने नोट बदलने से जुड़ी जानकारियां मंगलवार को कालाढूंगी रोड स्थित एसबीआई के क्षेत्रीय में आयोजित कार्यालय में दी गई। आरबीआई कानपुर के प्रबंधक आरएनके सिन्हा ने एसबीआई के अधिकारियों को नकली नोट की पहचान के बारे में भी बताया।
कार्यशाला में बताया गया कि कैसे कटे-फटे नोटों का मूल्यांकन करना है। कैसे उन्हें बदलकर चलन से बाहर किया जाए। इसके अलावा नकली नोटों की पहचान के तमाम तरीके बकायदा प्रजेंटेशन के जरिए एवं बैंकिंग से जुड़ी कई अन्य जानकारियां दी गई। सिन्हा ने नकली नोटों के बारे में बताते हुए कहा कि आने वाले वक्त में प्लास्टिक के जो नोट जारी किए जाएंगे, उन्हें कापी कर पाना काफी मुश्किल होगा। ऐसे में नकली करेंसी की समस्या भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। एटीएम की सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने सभी बैंकों को आरबीआई द्वारा सख्त निर्देश दिए जाने और उन्हें मॉनीटर करने की बात कही। कार्यशाला में एसबीआई के क्षेत्रीय उपमहाप्रबंधक संजय बिहारी लाल, प्रशासनिक कार्यालय के मुख्य प्रबंधक रविंद्र पांडे, उपप्रबंधक नरेंद्र पंत, उपप्रबंधक पावस सहित तमाम अधिकारी मौजूद थे।