हल्द्वानी। विद्यालयी शिक्षा विभाग का एजूकेशन पोर्टल शिक्षकों के लिए मुसीबत बन गया है। इसमें तमाम शिक्षकों का आनलाइन किया गया डाटा ही बदल गया है। सुगम क्षेत्र के शिक्षकों की दुर्गम क्षेत्र में तैनाती दर्शाने से शिक्षक ही हैरत में पड़ गए हैं। एक शिक्षक की तो 21 साल की नौकरी को छह दर्शाया है। इन खामियों से विभाग की किरकिरी होने पर अब डाटा दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों के कंधे पर डाल दी है।
विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा उत्तराखंड एजूकेशन पोर्टल का निर्माण किया गया है। इसमें विभाग से संबंधित सभी शिक्षकों एवं कार्मिकों का डाटा लाइन करने के लिए प्रत्येक शिक्षक से दिसंबर माह में एचआरएमएस भरवाए गए थे। विभाग ने पोर्टल में डाटा फीडिंग के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया है। हल्द्वानी ब्लाक के शिक्षकों का डाटा एजूकेशन पोर्टल में फीडिंग करने का काम भी बीईओ कार्यालय में किया गया। इस ब्लाक क्षेत्र में बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों की संख्या करीब पौने आठ सौ है। शिक्षकों ने विभाग की वेबसाइट पर जब अपना डाटा देखा तो उनके होश ही उड़ गए। उनका डाटा ही बदल गया है। प्राथमिक शिक्षक नेता डिकर सिंह पडियार सुगम क्षेत्र यहां हरिपुर नायक सीआरसी में समन्वयक पद कार्यरत हैं लेकिन वेबसाइट में तैनाती दुर्गम क्षेत्र केब्लाक रामगढ़ में दर्शायी जा रही है। 21 साल की सेवा भी छह साल और स्कूल तैनाती भी छह के स्थान पर सिर्फ दो स्कूल दर्शायी गई है जो कि गलत है। यह हाल एक शिक्षक का ही नहीं बल्कि सैकड़ों शिक्षकों का है जिनका पूरा डाटा ही बदल गया है।
पोर्टल में फीड किए गए इसी डाटा के आधार पर ही शिक्षकों के स्थानांतरण नए स्थानांतरण एक्ट के तहत किए जाने हैं। डाटा इंट्री में खामियों की वजह से स्थानांतरण होने से स्थानांतरण की सभी तैयारियां सवालों के घेरे में आ गई हैं। इधर वेबसाइट में गलत डाटा दर्ज होने पर विभाग अपनी किरकिरी से बचने के लिए इसे दुरुस्त कराने का काम भी शिक्षकों के सिर पर डाल दिया है। अपर शिक्षा निदेशक डा. कुसुम पंत ने विज्ञप्ति जारी कर दी है कि वेबसाइट से प्रिंट निकाल कर डाटा इंट्री सही नहीं कराए जाने की दशा में अंकित डाटा को ही अंतिम मान लिया जाएगा।