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राज्य आंदोलनकारियों को आरक्षण को विधेयक

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राज्य आंदोलनकारियों की बैठक - फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति की महापंचायत में वित्तमंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों मेें दस फीसदी क्षैतिज आरक्षण दिलाने के लिए सरकार कटिबद्ध है। इस मामले को मुख्यमंत्री और राज्य मंत्रिमंडल में रखा जाएगा। इसके लिए राज्य विधानसभा में विधेयक पारित कराया जाएगा। वंचित सभी राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण किया जाएगा। सभी आंदोलनकारियों को समान रूप से पेंशन मिलेगी और पेंशन की राशि में वृद्धि की जाएगी। गैरसैंण का स्थायी राजधानी बनाया जाएगा।
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यहां नगर निगम सभागार में जुटे राज्यभर के आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री पंत ने कहा कि इस राज्य का उदय यहां की महिलाओं, युवाओं, अधिवक्ताओं, राज्य कर्मचारियों, रंगकर्मियों व सभी के संयुक्त प्रयासों से हुआ है। यह आंदोलन सबका था। महापंचायत में राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि भी दी गई। राज्य आंदोलनकारियों ने पेंशन राशि बढ़ाकर 10 से 12 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग उठाई। कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों की तरह सुविधाएं दी जाएं। चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के संरक्षक एवं पूर्व दर्जा मंत्री धीरेंद्र प्रताप, केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे, कार्यक्रम संयोजक डॉ. केदार पलड़िया, रमन साह, सावित्री नेगी, संयोजक रईस भाई, हुकुम सिंह कुंवर ने मुख्यमंत्री को संबोधित 14 सूत्री मांग पत्र वित्तमंत्री को सौंपा। पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप सिंह ने चेतावनी दी कि एक माह में आंदोलनकारियों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो दो अक्टूबर सभी आंदोलनकारी देहरादून विधानसभा का घेराव करेंगे।
महापंचायत में विजय मनराल, डॉ. अनिल डब्बू, गणेश पंत, ध्रुव रौतेला, गोविंद टाकुली, विनोद उप्रेती, जितेंद्र मेहता, राहुल झिंगरन, प्रकाश हर्बोला, पुष्कर मेहरा, कमला जोशी अल्मोड़ा, पूर्व प्रमुख संध्या डालाकोटी, हेमंत बगड़वाल, राज्य आंदोलनकारी सुभाष जोशी, होशियार सिंह, गजराज सिंह, पुष्कर जोशी, मनोज सिंह असवाल, पार्वती, दिगंबर सती ऊधम सिंह नगर, भूपेंद्र जोशी हरिद्वार, अफजल अली हरिद्वार, भगवान जोशी, रमन साह, विरेंद्र बजेठा, राजेंद्र सिंह बिष्ट, चंद्रावती गौड़, हरीश पाल, किरन डालाकोटी, लज्जावती नौटियाल देहरादून, लीला बोरा नैनीताल, डॉ. वारसी आदि थे।
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वंचित आंदोलनकारियों का भी होगा चिन्हीकरण
सभी आंदोलनकारियों को समान रूप से मिलेगी पेंशन
अवस्थापना सुविधाएं विकसित होते ही गैरसैंण होगी राज्य की स्थायी राजधानी

दोनों संगठनों का हुआ विलय
चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की राजेंद्र सिंह बिष्ट और हरीश पाल के नेतृत्व में गठित राज्य आंदोलनकारी संगठनों का विलय हुआ। सभी राज्य आंदोलनकारियों के एक मंच पर आने का सभी ने स्वागत किया और कहा कि अब संगठन को और मजबूती मिलेगी।
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