रानीखेत/मौलेखाल (अल्मोड़ा)। रुके वेतन का भुगतान करने और वेतनमान बढ़ाने की मांग को लेकर सल्ट क्षेत्र के विद्युत संविदा कर्मियों ने मोर्चा खोल दिया है। कहा कि ठेकेदार ने 2012-13 में उन्हें छह माह का वेतन नहीं दिया, विषम परिस्थितियों में कार्य करने के बावजूद वेतन में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। सल्ट से यहां पहुंचे कर्मचारियों ने पावर कारपोरेशन प्रांगण में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और 22 मई से कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
लंबे समय से मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से गुस्साए सल्ट तहसील के विद्युत संविदा कर्मचारी आज यहां धमक गए। यहां पावर कारपोरेशन कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कहा कि ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों के हितों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। 2012-13 में छह माह का वेतन नहीं दिया गया। हर बार आश्वासनों के माध्यम से उन्हें गुमराह किया जाता रहा है। अधिशासी अभियंता उमाकांत चतुर्वेदी से भी कार्मिकों ने मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि विषम परिस्थितियों में वह लोग कार्य कर रहे हैं, लेकिन वेतन आज तक नहीं बढ़ाया गया है। कार्मिकों का आरोप है कि रुके हुए वेतन के लिए कई बार वह प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन ठेकेदार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था का जिम्मा संविदा कर्मियों के ऊपर है। कहा कि उपभोक्ताओं का रवैया भी कर्मचारियों के प्रति ठीक नहीं रहता है। शिकायत के बावजूद कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। मानिला में कार्य कर रहे लाइनमैन और कर्मचारियों पर की गई कार्रवाई को शीघ्र वापस लेने की मांग भी उठाई गई। कहा कि 22 मई से सल्ट क्षेत्र में कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा। संपूर्ण कार्यक्रम में नंदन सिंह, हरी सिंह, गोविंद सिंह, दलीप कुमार, आनंद शर्मा, रविंद्र सिंह, बची राम, भूपाल सिंह, दीवान सिंह सहित तमाम लोग शामिल थे।
पावर कारपोरेशन कार्यालय पर किया प्रदर्शन, ईई से मिले
आज से सल्ट क्षेत्र में कार्य बहिष्कार की दी चेतावनी
ठेकेदार पर छह माह का वेतन नहीं देने का लगाया आरोप