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सुनियोजित तरीके से बुना गया कत्ल का ताना बाना

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हल्द्वानी। सलड़ी में कार में जलाए गए व्यक्ति को मारने के लिए पूरा प्लान किया गया। ऐसा माना जा रहा है कि हत्या से पहले पूरे क्षेत्र की बारीकी से रेकी की गई है। शव कहां और कैसे ठिकाने लगाया जाएगा इसका भी पूरा इंतजाम किया गया है। शव जल्दी ही पूरा जल जाए इसका भी ध्यान रखा गया। लेकिन स्थानीय लोगों ने कार में आग लगते ही फायर बिग्रेड को सूचना दे दी। जिससे शव का कुछ हिस्सा बच गया।
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सलड़ी में बृहस्पतिवार की रात रुद्रपुर के सामिया लेक सिटी निवासी अवतार सिंह की कार संख्या यूके06-एएफ-8111 में आग लग गई थी। स्थानीय लोगों की सूचना पर फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया। कार में जली हुई लाश भी बरामद की गई। यह शव अवतार सिंह का है या किसी और का इस पर असमंजस बरकरार है। लेकिन इस हत्या को बडे़ शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया है। मर्डर के मास्टरमाइंड को इस क्षेत्र की पूरी जानकारी है। उसे पता था कि सलड़ी में आठ बजे के आसपास सुनसान रहता है। इसी प्लान के तहत कातिल ने कार हल्द्वानी की ओर मोड़ दी और सड़क के किनारे खड़ा कर दिया। कार को स्टार्ट रखा गया उसके बाद आग लगाई गई। कार भी काठगोदाम से सात बजे के बाद ही निकली है। आशंका यह भी है कि इसी बीच कत्ल किया गया है और शव को कार में रखा गया। सामान्य तौर पर एक लाश चार से साढे़ चार घंटे में जलती है। पेट्रोलियम पदार्थों का प्रयोग इसलिए किया गया कि जल्दी ही लाश खत्म हो जाए। लेकिन कुछ समय पहले पहुंची फायर बिग्रेड ने कातिल के इरादों पर पानी फेर दिया।


सुनियोजित तरीके बुना गया हत्या का तानाबाना
पहले पूरी क्षेत्र की रेकी भी की गई


खराब मौसम ने भी दिया कातिल का साथ
बृहस्पतिवार को मौसम खराब था। उस क्षेत्र में बारिश भी हुई थी। इस कारण भीमताल मार्ग पर जल्दी ही सुनसान हो गया। इसी कारण हत्यारे ने कार को सलड़ी में पार्क कर दिया। कातिल ने खराब मौसम का भी फायदा उठाया और कार में शव रखकर जला दिया।
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हत्या साबित करने वाले तथ्य
कार में युवक की मौत दुर्घटना नहीं है। परिस्थिति जनक साक्ष्य चीख कर इस बात की गवाही दे रहे हैं।
1- मृतक कार की सीट पीछे कर आराम की मुद्रा में है।
2- उसके दोनों हाथ पीछे की तरफ हैं।
3- कार के पास पेट्रोलियम पदार्थ की मौजूदगी भी मिली है।
4- पोस्टमार्टम में मृतक के गले और फेफड़ों में कार्बन नहीं मिला है।
5- गाड़ी में आग सीट से लगी है। एसी की आग बोनट से उठती है।
6- फोरेंसिक जांच में शव पर पेट्रोलियम पदार्थों की पुष्टि।
7- मृतक का ड्राइविंग सीट के बगल में बैठना।
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