भीमताल (नैनीताल)। क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र में बहुत जल्द पर्यटन स्थल खुलने जा रहा है, ताकि देश-विदेश के सैलानी रेशम अनुसंधान केंद्र में उगाई जा रही रेशम की विभिन्न खेती को बारीकियों से जान सकें। इसके लिए पर्यटन विभाग रेशम अनुसंधान केंद्र को पर्यटन से जोड़ने की योजना बना रहा है। क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान के निदेशक सोमेश पालीवाल ने बताया कि केंद्र में पर्यटकों को रेशम बनाते हुए कीट दिखाए जाएंगे।
साथ ही शहतूत मलबली रेशम, ऐरी (अंडी) रेशम, तसर रेशम, मूंगा रेशम की खेती से भी रूबरू कराया जाएगा। केंद्र में पर्यटन स्थल खुलते ही टिकट घर के माध्यम से पर्यटकों से शुल्क लिया जाएगा और उस शुल्क से संस्थान को विकसित किया जाएगा। जिले के सभी होटलों, रिसोर्टों में आने वाले सैलानियों को रेशम अनुसंधान केंद्र में लाने की भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।