देहरादून/हल्द्वानी। पूर्व सीएम हरीश रावत शनिवार से केदारनाथ घाटी में निकल रहे हैं। दिलचस्प बात ये है कि उनके साथ लैंस और दूरबीन भी रहेगी, ताकि केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की गहन पड़ताल हो सके। रावत की सरकार पर सियासी हमले की पूरी तैयारी है। चार दिन के अपने कार्यक्रम में हरीश रावत अपनी और भाजपा सरकार के जमाने में हुए कार्यों का तुलनात्मक अध्ययन करेंगे।
पूर्व सीएम ने पहले केदारनाथ के कपाट खुलने के मौके पर वहां जाने का कार्यक्रम बनाया था, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी सहित भाजपा शासित राज्यों के सीएम के आने की संभावना पर उन्होंने इसे बदल दिया था। अब वह आठ मई को केदारनाथ धाम पहुंचेंगे। इससे पहले शनिवार से वह केदार घाटी के विभिन्न स्थानों पर पैदल भ्रमण करके पुनर्निर्माण कार्यों की अपने हिसाब से समीक्षा करेंगे। पूर्व सीएम हरीश रावत हल्द्वानी में शुक्रवार को बाकायदा लैंस और दूरबीन के साथ दिखे। उन्होंने कहा-केदारनाथ पुनर्निर्माण के कार्यों को वह लैंस-दूरबीन से देखेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा संभल जाए। केदारनाथ में यदि सरकार ने अच्छा काम किया होगा तो सराहना करूंगा और काम नहीं किया होगा तो ट्वीट कर जनता को बताऊंगा। रावत ने कहा कि भाजपा ने उस स्थान पर लेजर शो से शिव महिमा दिखाने का ढोंग किया, जहां शिव जीवंत रूप में मौजूद हैं। यही कारण रहा कि भाजपा का लेजर शो फ्लाप हो गया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा के दो मकसद हैं। पहला भाजपा सरकार के विकास कार्यों की पड़ताल करना और दूसरा विपक्षियों को खुस्याणी (मिर्च) लगाना। रावत ने कहा कि उनकी इस तरह की यात्राओं से विपक्षियों को खासी मिर्च लगती है और उन्हें इसमें काफी आनंद आता है।
लैंस-दूरबीन लेकर हरीश आज से केदार घाटी में
पूर्व सीएम ने कहा-भाजपा संभल जाए, अच्छे काम होंगे तो तारीफ करूंगा, नहीं तो जनता को बताऊंगा
चार दिन के केदार घाटी के दौरे में देखेंगे रावत पुनर्निर्माण कार्य
राज्य सरकार पर किए हमले, कहा-लेजर शो हो गया है फ्लाप
‘मोदी नहीं आए, तो पीठ-कमर दर्द हो गया’
देहरादून। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा के लिए हर-हर महादेव नहीं, हर-हर मोदी का महत्व है। उन्होंने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि मोदी नहीं आए, तो किसी को पीठ दर्द हो गया, तो किसी को कमर दर्द हो गया। भाजपाई हर-हर महादेव को भूल गए। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम का सरकार देश-दुनिया में जाकर प्रमोशन करे, तो किसी को एतराज नहीं होगा। मगर लेजर शो जैसे कार्यक्रमों के जरिये मोदी महिमा का बखान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि केंद्र में जब कांग्रेस की सरकार थी, तब केदारनाथ पुनर्निर्माण के लिए साढे़ सात हजार करोड़ का बजट मंजूर किया गया था। केंद्र में भाजपा के आने के बाद इस बजट का काफी हिस्सा रिलीज नहीं किया गया। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि वह बताए कि मोदी के केदारनाथ आने के बाद क्या केंद्र ने पुनर्निर्माण के लिए एक भी पैसा जारी किया है।