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हरीश रावत की काफल पार्टी

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हरदा की काफल पार्टी - फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को उत्तराखंड काफल चैप्टर के कुमाऊं इकाई की शुरूआत की। इस चैप्टर के जरिये उन्होंने स्थानीय संस्कृति व खानपान को बढ़ावा देने और पहाड़ी उत्पादों की ब्रांडिंग का इरादा जताया। लगे हाथों रावत ने यह भी जता दिया कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने में भाजपा कमजोर है और 2019 के लोक सभा के चुनाव में यह कांग्रेस का मुद्दा भी होगा।
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यहां आयोजित काफल पार्टी में रावत ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान यहां की संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पहनावा और खानपान है। पहाड़ की परंपरागत संस्कृति और खान पान को बढ़ावा देने के लिए कांग्रेस सरकार के प्रयासों को भाजपा ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। कुमाऊं चैप्टर के बाद अब शीघ्र ही हरिद्वार चैप्टर गठित किया जाएगा। कुमाऊं चैप्टर लोगों को अखरोट, खुमानी, तेजपत्ता, तीमूर, करी पत्ता समेत भांग, बिच्छू घास, रामबांस, भीमल और बांस जैसे रेसे वाले पौधों को रोपने के लिए प्रोत्साहित करेगा और परंपरागत पहनावे में शामिल पिछौड़ा, घाघरा और परंपरागत जेवरातों को भी बढ़ावा देगा।

स्थानीय संस्कृति, खानपान और पहाड़ी उत्पादों की ब्रांडिंग करेगा यह चैप्टर
भाजपा पर स्थानीय उत्पादों की अनदेखी का भी आरोप

पार्टी में ये रहे शामिल
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल, उप नेता प्रतिपक्ष करन मेहरा, जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, पूर्व विधायक नारायण पाल, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री जया बिष्ट, ब्लाक प्रमुख भोलादत्त भट्ट, हर्षवर्धन पांडे, डा. केदार पलड़िया, जिला पंचायत सदस्य डा. हरीश सिंह बिष्ट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य इंदर सिंह परिहार, धीरज बिष्ट, पूर्व प्रमुख कृपाल मेहरा, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री ललित जोशी, प्रयाग भट्ट, अब्दुल मतीन सिद्दीकी, तनुजा जोशी, नीरज तिवारी आदि मौजूद थे।
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कुंजवाल, भट्ट और पाल को कमान
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रयाग भट्ट और पूर्व विधायक नारायण पाल को काफल चैप्टर की कुमाऊं इकाई का संरक्षक, आनंद रावत को मुख्य संयोजक व ललित आर्य, लता कुंजवाल और बिट्टू कर्नाटक को सह संयोजक बनाया गया है।


मंडुवे का जवाब कॉफल, ज्या, बिच्छू घास से बनी चाय से
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से दी गई काफल पार्टी में काफल के साथ-साथ बिच्छू घास (कंडाली) से बनी चाय, मुनस्यारी की थुनेर से बनी खास ज्या (चाय), गढ़वाल का अति पौष्टिक माना जाने वाला रोटाला (चावल, घी और दूध से बना) भी परोसा गया। रावत ने कहा कि मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कपकोट के मंडुवे के बिस्कुट की तारीफ की थी। मंडुवे से बिस्कुट बनाने की शुरूआत उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए की थी।
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