हल्द्वानी। बारिश से गेहूं की फसल को हुए भारी नुकसान के बाद भी कुमाऊं में डीडीहाट को छोड़कर कहीं भी काश्तकारों को मुआवजा नहीं मिलेगा। विभिन्न विभागों की ओर से किए गए सर्वे में साफ हो गया है कि डीडीहाट के अलावा किसी भी जिले में गेहूं की फसल 15 फीसदी से अधिक खराब नहीं हुई है। ऐसे में कुमाऊं मंडल के हजारों किसान एक बार फिर मुआवजे से वंचित रह जाएंगे।
बता दें कि अप्रैल के पहले हफ्ते में हुई बेमौसमी बारिश के कारण कुमाऊं मंडल के कई जिलों में काश्तकारों द्वारा काटकर खेतों में रखी गई गेहूं की फसल खराब हो गई थी। नैनीताल जिले के हल्द्वानी, गौलापार, नंधौरघाटी, लामाचौड़, हल्दूचौड़, बिंदुखत्ता, कालाढूंगी, कोटाबाग समेत आसपास के सैकड़ों गांवों में बारिश से भीगे गेहूं की बालियों में ही अंकुर निकल आए थे। किसानों के प्रदर्शन के बाद आयुक्त ने प्रत्येक जिलाधिकारी को नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए थे। कृषि, उद्यान और राजस्व विभाग ने हर जिले में नुकसान का संयुक्त सर्वे कर लिया है। नैनीताल को छोड़कर शेष सभी जिलों की रिपोर्ट कंपाइल भी कर ली गई है, हालांकि जिम्मेदार अधिकारी अभी इस संबंध में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
इधर विभागीय सूत्रों के मुताबिक आला अधिकारियों को मिली सर्वे रिपोर्ट में पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट क्षेत्र में बारिश से गेहूं की फसल को 35 से 40 फीसदी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत में 10 से 15 फीसदी नुकसान की पुष्टि हुई है जबकि ऊधमसिंह नगर में नुकसान का प्रतिशत शून्य है। नैनीताल जिले की रिपोर्ट अभी अधिकारियों तक नहीं पहुंची है लेकिन सूत्र बताते हैं कि नैनीताल जिले में भी नुकसान का प्रतिशत अधिकतम 20 फीसदी तक ही है। गेहूं की बर्बादी से जूझ रहे काश्तकारों को उम्मीद थी कि सरकार मुआवजा देकर नुकसान की कुछ भरपाई करेगी लेकिन उनकी यह उम्मीद भी टूट गई। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार तभी मुआवजा देती है जब अतिवृष्टि में नुकसान 33 फीसदी से अधिक हो।
केवल डीडीहाट में सर्वाधिक 40 फीसदी नुकसान
शेष जिलों में मात्र 15 फीसदी नुकसान की सूचना
नैनीताल जिले में अधिकतम 20 फीसदी तक नुकसान की सूचना
डीडीहाट क्षेत्र में 35 से 40 फीसदी नुकसान की जानकारी है, जबकि शेष जिलों में 15 से 20 फीसदी नुकसान की। ऊधमसिंह नगर में नुकसान का प्रतिशत शून्य है। नैनीताल जिले की रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। सभी जिलों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है।
- पीके सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि कुमाऊं मंडल