हल्द्वानी। सूबे में खनन पट्टों को ई नीलामी से ही आवंटित किया जाएगा। शासन ने पट्टों के आवंटन में पारदर्शिता लाने के मकसद से आवंटन नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। साथ ही अब खनन पट्टों के मिलने वाले आवेदन पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है।
सूबे में अभी तक खनन पट्टे आवंटन की प्रक्रिया निजी आवेदन से होती थी। निजी नाप भूमि धारक स्वयं, भूमि स्वामी की अनुमति प्राप्त लीज होल्डर खनन के लिए आवेदन करता था। यह खनन की पट्टे की अवधि एक, तीन व पांच साल तक होती है। हाल ही में देखने आया कि मनमाने ढंग से खनन पट्टे दिये गये। इससे सरकार को लाखों करोड़ों का चूना लगा कि जबकि माफिया-अधिकारी गठजोड़ की जेबें भरी। इधर केंद्र सरकार ने खनन पट्टों के आवंटन में पारदर्शिता लाने के मकसद से सभी पट्टों को ऑन लाइन नीलामी के आधार पर ही आवंटित किये जाएंगे। इसके दो फायदे होंगे पहला, खनन पर एकाधिकार समाप्त होगा दूसरा सरकारी राजस्व में बढ़ोत्तरी होगी। भूतत्तव एवं खनिकर्म उद्योग निदेशक विनय शंकर पांडेय ने इस बाबत दिशा निर्देश जारी किये हैं उन्होंने अब पट्टों के लिए किसी भी प्रकार का आवेदन लेने पर रोक लगा दी है हालांकि पूर्व में स्वीकृत पट्टों पर कोई असर नहीं होगा। वहीं सरकारी कुमाऊं मंडल विकास निगम के पट्टे होते हैं, निगम इनको नीलामी से ही आवंटित करता है।
कोट
सरकारी, निजी नाप भूमि दोनों तरह के पट्टों को ई नीलामी के जरिये आवंटन करने का आदेश प्राप्त हो गया है, अब मिलने वाले सभी आवेदनों को रोक दिया जाएगा। केंद्र सरकार की पहल प्रशंसनीय है, अब खनन से एकाधिकार समाप्त होगा।
== राजपाल लेघा, उप निदेशक खनहल्द्वानी