हल्द्वानी। सुशीला तिवारी और कैंसर संस्थान में नियमित नर्स आने के बाद यहां संविदा और उपनल के माध्यम से तैनात 290 नर्सों में से 58 ने पिथौरागढ़ का विकल्प चुना है।
नियमानुसार नियमित कर्मचारी के आने के बाद अनुबंधित कर्मचारी को नौकरी छोड़नी पड़ती है। इसके लिए शासन ने पिथौरागढ़ और हरिद्वार जाने का विकल्प दिया था। लेकिन 13 हजार रुपये की नौकरी कर रही नर्सों में से अधिकतर ने नौकरी के लिए कम पैसे में दूर जाने में अनिच्छा जाहिर की थी। इस पर शासन ने तय समय में ज्वाइन नहीं करने पर स्वत: नौकरी से बाहर होने का नियम बताया था। इसके बाद कई नर्सों ने नजदीक का विकल्प चुना है। वर्तमान में यहां 270 से अधिक स्थायी नर्सों की तैनाती हो रही है। कैंसर और सुशीला तिवारी अस्पताल में उपनल और आउटसोर्स के माध्यम से 290 नर्सें काम कर रही हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने इनकी नौकरी बचाने के लिए मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ और हरिद्वार जाने का विकल्प दिया था। नर्सों का कहना है कि 13 हजार रुपये मानदेय में वे दूसरे शहर में कैसे गुजारा करेंगी। इसलिए अभी तक 58 नसों ने पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए विकल्प दिया है। मामले में प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि तय समय में विकल्प चुनने वाली आउटसोर्स नर्सों के बारे में मुख्यालय में जानकारी दे दी गई है। उनके बारे में वहीं से आदेश आएगा। जिन्होंने लिखित सूचना नहीं दी है, उनकी सेवा को समाप्त ही माना जाएगा।