हल्द्वानी। शहर के अस्पताल और क्लीनिक सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। नगर निगम की सख्ती के बाद निगम क्षेत्र के अस्पतालों ने गांधी स्कूल बाईपास के किनारे जैव चिकित्सीय कचरा डालना शुरू कर दिया है। इस कचरे से पूरी सड़क पटी है। उसके बाद भी स्थानीय प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
निगम क्षेत्र के अस्पतालों ने जैव चिकित्सीय कचरे को खपाने के लिए नया क्षेत्र चुन लिया है। निगम क्षेत्र के कुछ अस्पताल गांधी स्कूल से निकलने वाले बाईपास के किनारे जैव चिकित्सीय कचरा डाल रहे हैं। इस कचरे को यहां भारी मात्रा में डाला जा रहा है। गांधी स्कूल बाईपास का 200 मीटर भाग जैव चिकित्सीय कचरे से पटा पड़ा है। हद तो यह है कि इस कूड़े में मंगलवार को आग भी लगा दी गई। कचरे को जलाने पर सख्त पाबंदी है और पूर्व में उच्च न्यायालय भी कचरे न जलाने का आदेश जारी कर चुका है। पहले यह जैव चिकित्सीय कचरा नगर निगम के ट्रंचिंग ग्राउंड में डाला जा रहा था। अमर उजाला के जैव चिकित्सीय कचरे की खबर प्रकाशित करने के बाद नगर निगम के ट्रंचिंग ग्राउंड में कुछ हद तक जैव चिकित्सीय कचरा आना कम हुआ।
शहर से लगे गांधी स्कूल से सटी सड़क के किनारे खपाया जा रहा है यह कचरा
मंगलवार को कचरे में आग भी लगा दी गई
35 क्लीनिक का कचरा आखिर जा कहां रहा है
नगर निगम की ओर से 60 क्लीनिकों को नोटिस भेजा गया था। इसमें तीन दिन के अंदर जैव चिकित्सीय निस्तारण के लिए ठोस कदम उठाने के लिए कहा गया था। उधर नगर निगम को जो सूची ग्लोबल संस्था ने उपलब्ध कराई है, उसमें 25 क्लीनिकों ने ही जैव चिकित्सीय कचरे के निस्तारण के लिए ग्लोबल से अनुबंध किया है। अभी भी 35 क्लीनिकों ने इसका पंजीकरण नहीं कराया है। अब सवाल उठ रहा है कि नगर निगम प्रशासन इस पर क्यों कार्रवाई नहीं कर रहा है।
क्या बोले अधिकारी
यह क्षेत्र नगर निगम क्षेत्र के परिधि से बाहर है। यहां का कूड़ा प्रबंधन जिला पंचायत करती है। उसे ही इस क्षेत्र में डाले जा रहे जैव चिकित्सीय कचरे को देखना है।
- हरवीर सिंह
नगर आयुक्त हल्द्वानी-काठगोदाम।
-मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। अगर शहर के अस्पताल वहां जैव चिकित्सीय कचरा डाल रहे हैं तो कार्रवाई की जाएगी। जो भी व्यक्ति संस्था इस क्षेत्र में जैव चिकित्सीय कचरा डालती पकड़ी गई। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके लिए जिला पंचायत अध्यक्ष से बात भी की जाएगी।
- एपी वाजपेयी
एसडीएम हल्द्वानी।