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आखिर किसने दी दुकानदारों को निर्माण की अनुमति

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हल्द्वानी। नगर निगम के चुनाव नजदीक आते ही वोटों की राजनीति शुरू हो गई है। वोट बैंक बढ़ाने के लिए खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नगर निगम की आठ दुकानों से अधिक को मरम्मत की अनुमति दे दी गई। निगम की इन दुकानों में किराएदारों ने बिना नक्शा पास कराए नई दुकान बना ली और अभी भी निर्माण कार्य चल रहा है। उसके बावजूद न अधिकारियों ने कोई कार्रवाई की और न ही नियमों की दुहाई देने वाले मेयर को ये दिखाई दे रहा है। अधिकारियों को किस दबाव में नियमों की धज्जियां उड़ते देखना पड़ रहा है, यह बताने को कोई तैयार नहीं। नियमों का पालन कराने का भी किसी में शायद साहस नहीं।
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नियमों की बात करें तो नगर निगम की दुकानों की मरम्मत और निर्माण कार्य नगर निगम ही करा सकता है। किराएदार दुकानों का निर्माण कार्य नहीं करवा सकता है। न ही इन दुकानों को दोमंजिला करा सकता है। सूत्रों की मानें तो मेयर ने दुकानदारों को निगम की दुकानों की मरम्मत कार्य की अनुमति दी हुई है। इसी के आड़ में निगम की दुकानों को तोड़ कर किराएदारों ने नई दुकान बना ली। नगर आयुक्त, सिटी मजिस्ट्रेट से लेकर नगर निगम के सभी कर्मचारियों को इसकी जानकारी है। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने नगर निगम की दुकानों का जायजा लिया। इस दौरान नैनीताल रोड पर फूल मंडी के पास दो दुकानों का निर्माण पूरा हो चुका था। सब्जी मंडी में दो दुकानों का निर्माण कार्य चल रहा था। उधर फल बाजार डाकघर के सामने तीन दुकानें दो मंजिली बन रही थीं। ऐसे ही कई दुकानों का निर्माण कार्य चल रहा है।
आखिर किसने दी निगम के दुकानों में मरम्मत की अनुमति
अनुमति के बाद नगर निगम की आठ से अधिक दुकानों में हो गया पुनर्निर्माण

ये कैसा प्राधिकरण, पता होने के बाद भी अधिकारी चुप
हल्द्वानी। प्राधिकरण क्या कर रहा है, किसके दबाव में कार्रवाई नहीं की जा रही है। नगर निगम की दुकानों में मरम्मत के नाम पर कई दुकानें बन गई। कई दुकानों का निर्माण कार्य चल रहा है। ये सब सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय के ध्यान में है। उसके बाद भी क्यों कार्रवाई नहीं हो रही है। आम आदमी को नक्शा बनाने और निर्माण कार्य रोकने तक के लिए कानून का पाठ पढ़ाया जा रहा है। अधिकारी दबाव में काम करने की बात कर रहे हैं। दबाव किसका है कोई खुलेआम बोलने को तैयार नहीं है।
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ये हैं नियम -
- मरम्मत के नाम पर दुकानें नहीं बनायी जा सकती हैं।
- निगम को भी दुकानें बनाने के लिए प्राधिकरण से नक्शा पास करना होगा।
- किराएदार नगर निगम की दुकानों के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं कर सकता।
- निगम की परमिशन से दुकान की सिर्फ मरम्मत कर सकता है।


नगर निगम की दुकानों में मरम्मत का काम चल रहा है। नगर निगम की दुकानों की मरम्मत के नाम पर अवैध निर्माण किसके आदेशों पर हो रहा है। इसकी मुझे जानकारी नहीं है। मेरी ओर से मरम्मत के कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं।
- हरवीर सिंह नगर आयुक्त


नगर निगम की ओर से मरम्मत की अनुमति दी गई है। नगर निगम को इसके लिए पत्र भेजा गया है। निगम को कहा गया है कि दुकान बनाने और मरम्मत कराने के लिए प्राधिकरण की अनुमति अनिवार्य है।
- पंकज उपाध्याय सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी


नियमों के अनुसार निगम की दुकानों का काम नगर निगम की ओर से किया जाता है। नगर निगम अगर नई दुकान बनाता है तो उसका नक्शा पास करना होता है। मरम्मत की परमिशन के नाम पर यह काम चल रहा है। अनुमति किसने दी है। इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
- विजेंद्र चौहान कर अधीक्षक नगर निगम

दुकानदार -
दुकान स्वामी सनी आनंद ने बताया कि मेयर और नगर निगम के अधिकारियों ने उन्हें दुकान बनाने की परमिशन दी है। अमर उजाला के ये पूछने पर की मरम्मत करने की परमिशन है या फिर दुकान बनाने की इस पर दुकान स्वामी ने बताया कि ये दुकान उनके पिता देखते हैं। उन्हें जानकारी होगी। फोन काट दिया। उधर सब्जी मंडी में दुकान बना रहे दुकान स्वामी सुलेमान से पूछने पर उसने कहा कि उनके पास अनुमति है या नहीं उन्हें पता नहीं। ये सब बाते उनके भाई को पता है।
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