हल्द्वानी। गर्मी शुरू होते ही बच्चों में पेट संबंधी बीमारियां बढ़ गई हैं। सुशीला तिवारी अस्पताल और बेस अस्पताल के बाल रोग विभाग में उल्टी-दस्त, टायफाइड, पीलिया, निमोनिया के बाल रोगी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने बाल रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बेड और पर्याप्त दवाओं का भी इंतजाम कर लिया है।
सुशीला तिवारी अस्पताल के बाल रोग विभाग में 100 बेड बाल रोगियों के लिए हैं। यहां टायफाइड, पीलिया, निमोनिया, उल्टी दस्त से पीड़ित रोगी पहुंच रहे हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. ऋतु रखोलिया ने बताया कि पीआईसीयू, एनआईसीयू और जनरल वार्ड में 60 बाल रोगी भर्ती हैं। बाल रोग विभाग की ओपीडी 100 से 110 पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि गर्मी में बच्चों में होने वाली बीमारियों को देखते हुए अलग से 40 बेड की व्यवस्था कर ली है। इसमें आठ बेड आईसीयू के हैं। डॉक्टरों की कमी नहीं है।
बेस अस्पताल में बाल रोग विभाग में 20 बेड में से 18 पर बाल रोगी भर्ती हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएस रावत और डॉ. बृजेश बिष्ट ने बताया कि सबसे अधिक बच्चे उल्टी-दस्त से प्रभावित पहुंच रहे हैं। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस और आरएल मौजूद है। औसतन 150 बाल रोगी पहुंच रहे हैं। अस्पताल में चार पदों के सापेक्ष तीन बाल रोग विशेषज्ञ तैनात हैं।
अस्पताल में पर्याप्त बेड और दवा का स्टॉक मौजूद है। बेड फुल होने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी है। बदलते मौसम में सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषकर बच्चों के खान-पान और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। डॉ. केएस दताल, चिकित्सा अधीक्षक, बेस अस्पताल