हल्द्वानी। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से भारत और नेपाल सरकार बीच हुए समझौतों के तहत चंपावत और पिथौरागढ़ जिले में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने आयुक्त राजीव रौतेला को निर्देश दिए कि वह व्यक्तिगत रूप से इन कार्यों का अनुश्रवण कर उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा कराएं।
मुख्य सचिव ने आयुक्त और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच जिन योजनाओं पर सहमति हुई है उनका कार्य निर्धारित समय पर पूरा कराएं। वन विभाग से जो अनुमति आनी है उसका दोनों डीएम प्रभावी अनुश्रवण करेें। चंपावत के डीएम एसएन पांडे ने मुख्य सचिव को बताया कि टनकपुर बैराज से नेपाल की ओर शारदा नदी किनारे भारतीय क्षेत्र में बनने वाली 1.3 किमी सड़क के लिए लोनिवि पीआईयू ने 31 हजार क्यूबिक मीटर मिट्टी और आरबीएम सामग्री की मांग की थी। इसमें से 20 हजार क्यूबिक मीटर सामग्री की अनुमति दे दी गई है। मुख्य सचिव ने शेष 11 हजार क्यूबिक मीटर सामग्री के उठान की अनुमति के लिए संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी पांडे ने बताया कि लगभग 807 लाख की लागत से निर्मित होने वाली उक्त परियोजना निर्माण का कार्य कार्यदायी संस्था पीआईयू ठूलीगाड़ ने शुरू कर दिया है। परियोजना को अक्टूबर 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
जिलाधिकारी ने बताया कि टनकपुर से जौलजीबी की ओर निर्माणाधीन मार्ग में खलढ़ूंगा से सिरसा (नेपाल) को जोड़ने के लिए काली नदी पर चार सौ मीटर विस्तार मोटर पुल के लिए लोनिवि ने 1145.40 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा है। मुख्य सचिव ने अपर सचिव वन को उक्त धनराशि अवमुक्त करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजने के निर्देश दिए। बताया गया कि टनकपुर बैराज से नेपाल की ओर 75 करोड़ की लागत से बनने वाली 1.2 किमी नहर निर्माण के लिए एनएचपीसी ने मैकनिकल माइंस से कार्य करने को आवेदन किया है। जिलाधिकारी ने बताया कि उप जिलाधिकारी टनकपुर, महाप्रबंधक एनएचपीसी, भू-वैज्ञानिक, प्रभागीय वनाधिकारी लौंगिंग प्रबंधक वन विकास निगम को संयुक्त रूप से चार अगस्त को आरबीएम एवं नॉन मैकेनिकल कार्य के लिए स्थल निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी पांडे ने बताया कि निमार्णदायी संस्था को केनाल निर्माण के लिए 12 हेक्टेअर भूमि की आवश्यकता है। इसके लिए क्षतिपूरक वन भूमि का चयन चंपावत में किया गया है। वीडियो कांफ्रसिंग में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा मंडलायुक्त राजीव रौतेला, चंपावत के डीएम एनएन पांडे, पिथौरागढ़ के डीएम सी रविशंकर, अपर आयुक्त (प्रशासन) संजय कुमार खेतवाल आदि मौजूद थे।
भारत और नेपाल के प्रधानमंत्रियों के बीच हुआ था कई विकास योजनाओं का करार
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने वीसी से विकास कार्यों की समीक्षा की