गंगोलीहाट। ईमानदार अधिकारी के रूप में जाने जाने वाले गंगोलीहाट के उप शिक्षाधिकारी योगेश महरा (29) राज्य लोक सेवा आयोग की पीसीएस परीक्षा पास कर एसडीएम पद के लिए चयनित हुए हैं। उनकी आठवीं रैंकिंग है। महरा ने तीसरी बार पीसीएस क्वालीफाई किया है।
वर्ष 2015 से गंगोलीहाट में उप शिक्षाधिकारी के पद पर कार्यरत योगेश महरा रानीखेत के जनौली के मूल निवासी हैं। योगेश मेहरा पुत्र पूर्व सैनिक बाग सिंह मेहरा की प्रारंभिक शिक्षा नैनीताल से हुई। हल्द्वानी से उन्होंने बीएससी की परीक्षा पास की। बाद में वह पीसीएस की कोचिंग के लिए देहरादून प्रयाग इंस्टीट्यूट गए, दिल्ली ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट मुखर्जी नगर से भी उन्होंने कोचिंग ली। उनके पिता बाग सिंह मेहरा ने बताया कि योगेश ने 2013 में लोअर पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्ष 2014 में भी राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। तब उनका चयन नायब तहसीलदार पद पर हुआ था।
उन्होंने एक साल तक आपदाग्रस्त क्षेत्र रुद्रप्रयाग में नायब तहसीलदार के पद पर कार्य किया। वर्ष 2015 में उनका चयन पीसीएस से उप शिक्षाधिकारी के पद पर हुआ। वह दो साल से गंगोलीहाट में उप शिक्षाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने गंगोलीहाट में शिक्षा के सुधार के लिए कई कदम उठाए। बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के रहे योगेश ने 12वीं की पढ़ाई के दौरान प्रदेश स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में भी पहला स्थान प्राप्त किया था।
मोनिका ने बेड़ीनाग का नाम रोशन किया
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की पीसीएस 2012 परीक्षा में भिनगड़ी (बेड़ीनाग) की मोनिका आर्या का चयन 14वें स्थान पर डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ है। बचपन से मेधावी मोनिका ने प्रारंभिक शिक्षा जीजीआईसी बेड़ीनाग, बीटेक पंतनगर विश्वविद्यालय और एमबीए मुंबई से किया। वर्तमान में मोनिका बहुराष्ट्रीय कंपनी प्रॉक्टर एंड गैंबल में मैनेजर के पद पर हैदराबाद में कार्यरत हैं। मोनिका ने फोन पर बताया कि उसके गुरुजनों और परिजनों ने हमेशा उसकी हौसलाअफजाई की है। वह प्रशासनिक सेवा के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की मदद और अच्छी प्रशासनिक व्यवस्था बनाने लिए कार्य करेंगी। मोनिका की माता कलावती आर्या सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं। पिता गणेश राम आर्य रिटायर्ड सैन्य अफसर हैं। बड़े भाई डा. दीपक आर्य डीएसबी परिसर नैनीताल में प्रोफेसर हैं। बहन सोनिका भी शिक्षिका हैं। मोनिका के माता पिता इन दिनों में हल्द्वानी रह रहे हैं। बेटी की सफलता पर उनके हल्द्वानी के आवास, बेड़ीनाग और गांव भिनगड़ी में उत्सव का माहौल है।