जलजनित बीमारियों से प्रभावित ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्र का मंगलवार को सांसद अजय भट्ट ने दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। सांसद ने 30 वर्ष से अधिक पुरानी सीवर और पेयजल लाइनों को तत्काल बदलने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सभी विभाग लगातार काम कर रहे हैं।
सांसद ने बताया कि वर्तमान में 217 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं जिनमें 179 सरकारी चिकित्सालयों में उपचार करा रहे हैं। 154 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। जिले में पिछले 24 घंटों में पीलिया के केवल दो मरीज सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक बड़ी संख्या में लोगों की जांच की जा चुकी है। छह मरीजों में हेपेटाइटिस-ए और ई की पुष्टि हुई है जबकि मंगलवार को किए गए टेस्टों में सभी रिपोर्ट निगेटिव आई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे डॉक्टरों की व्यवस्था की गई है। सचल चिकित्सा दल गांव-गांव जाकर जांच कर रहे हैं। प्रत्येक गांव में 50 से अधिक लोगों के टेस्ट किए जा रहे हैं। दवाइयां और सभी आवश्यक जांचें निशुल्क की जा रही हैं। 108 एंबुलेंस सेवा भी 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
मौके पर विधायक सरिता आर्या, राज्यमंत्री दिनेश आर्य, हेम आर्य, तहसीलदार अक्षय भट्ट, ग्राम प्रधान हरगोविंद रावत, शेखर भट्ट, उप प्रधान मनीष कुमार आदि मौजूद रहे।
पानी की जांच में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मृतकों के परिजनों को दिलाएंगे मुआवजा
सांसद ने कहा कि मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री के विशेषाधिकार कोष से सहायता देने का अनुरोध किया गया है। निजी अस्पतालों में उपचार के दौरान किसी मरीज के साथ ज्यादती की लिखित शिकायत मिलने पर उसकी भी जांच कराई जाएगी।
25 प्रतिशत स्थिति अब भी चिंताजनक
235 लोगों की जांच और 61 ब्लड सैंपल लिए
ज्योलीकोट क्षेत्र में मंगलवार को आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में कुल 235 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई और 61 ब्लड सैंपल लिए गए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में 82 लोगों की जांच हुई जबकि उपचार की आवश्यकता वाले चार मरीजों को भर्ती कर चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। आईएलबीएस नई दिल्ली से पहुंची विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट का निरीक्षण किया। टीम में हेपेटोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सत्येंद्र पाल सिंह और क्लीनिकल वायरोलॉजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रेशु अग्रवाल शामिल रहीं। विशेषज्ञों ने लैब, प्रतिरक्षण कक्ष और ओपीडी का निरीक्षण करने के साथ भर्ती मरीजों से उपचार और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। पीएचसी में सेंट्रल हॉस्पिटल के जनरल फिजिशियन डॉ. अनुराग सरकार और डॉ. वैशाली पांडे ने ओपीडी सेवाएं दीं। सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि 14416 टेली-सेवा के माध्यम से लोग विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे परामर्श और काउंसलिंग ले सकते हैं।
छह टैंकरों से बांटा पानी, आठ स्थानों से लिए नमूने
ज्योलीकोट क्षेत्र में जलजनित बीमारी के मामले सामने आने के बाद जल संस्थान ने पेयजल व्यवस्था की निगरानी बढ़ा दी है। मंगलवार को विभाग ने छह टैंकरों से पानी बांटा, आठ नमूने जांच के लिए भेजे और 11 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता अनीष पिल्लई ने बताया कि विभाग मानसून से पहले और बाद में पेयजल की जांच करता है। ज्योलीकोट की स्थिति को देखते हुए नैनीताल शहर सहित आसपास के क्षेत्रों के पानी की अतिरिक्त जांच हो रही है। उन्होंने लोगों से प्राकृतिक जलस्रोतों का सीधा उपयोग न करने की अपील की। बरसात में इन स्रोतों में मिट्टी, मलबा और गंदगी पहुंचने की आशंका रहती है। कहा कि विभाग प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान कर रहा है।