बीए के रिजल्ट में खामी के बाद कुमाऊं विश्वविद्यालय की लापरवाही का एक और मामला प्रकाश में आया है। बीएससी प्रथम वर्ष की एक छात्रा को रिजल्ट में गणित के द्वितीय प्रश्नपत्र में मार्कशीट में मात्र 25 नंबर दर्शाए गए।
जब छात्रा ने विवि से अपनी उत्तर पुस्तिका निकलवाकर देखी तो उसमें 35 नंबर दर्ज थे। रिजल्ट में 10 नंबर कम अंकित किए जाने पर छात्रा ने एमबी कॉलेज के प्राचार्य के माध्यम से रिजल्ट ठीक कराने को पत्र भेजा है।
एमबीपीजी कॉलेज में अध्ययनरत बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा सोनम गड़िया के सभी विषयों के साथ गणित के प्रश्नपत्र भी अच्छे हुए थे। जब पिछले माह उसका परीक्षा परिणाम आया तो गणित के द्वितीय प्रश्नपत्र में मात्र 25 नंबर देख वह चौंक गईं।
छात्रा ने अपनी शंका को दूर करने के लिए आरटीआई के तहत कुमाऊं विवि से गणित के द्वितीय प्रश्नपत्र की उत्तर पुस्तिका की छाया प्रति निकलवाई। कॉपी में छात्रा के 35 नंबर दर्ज थे।
उत्तर पुस्तिका की छाया प्रति लेकर छात्रा सोमवार को कॅालेज आई तथा गणित के शिक्षकों को कॉपी दिखाई। इसमें सवाल पूरी तरह से सही होने के बावजूद परीक्षार्थी को कम अंक दिए जाने की बात भी सामने आई।
इस संबंध में कुमाऊं विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रजनीश पांडेय का कहना है कि उत्तर पुस्तिका में नंबर 35 होने के बावजूद मार्कशीट में 25 नंबर कैसे अंकित हुए, इस मामले की जांच कराई जाएगी। छात्रा का रिजल्ट भी सुधारा जाएगा।