रानीखेत (अल्मोड़ा)। लीज नवीनीकरण कर का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। छावनी के लीज धारकों के पास नवीनीकरण कर के रूप में आ रहे लाखों-करोड़ों के नोटिसों से हड़कंप मचा हुआ है। लीज धारकों ने इसे रक्षा संपदा विभाग और छावनी परिषद की तानाशाही करार दिया, कहा कि इस तुगलकी फरमान के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष किया जाएगा। कानूनी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। तय हुआ कि 12 जुलाई को यहां पहुंच रहे केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा के सम्मुख इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे।
मालूम हो कि छावनी परिषद में वर्षों से निवास कर रहे लीज धारकों के पास इन दिनों लीज नवीनीकरण कर के रूप में लाखों, करोड़ों रुपये के नोटिस आ रहे हैं, जिससे लीज धारकों में हड़कंप मचा हुआ है। लीज धारकों ने इसका विरोध करने का निर्णय लिया है, साथ ही कैंट प्रापर्टी होल्डर्स एसोसिएशन का भी गठन किया गया है। पूर्व ले. जनरल मोहन चंद्र भंडारी के आवास पर हुई बैठक में वक्ताओं ने इसे तानाशाही करार दिया, कहा कि रानीखेत के नागरिक पहले ही दोएम दर्जे का जीवन जी रहे हैं।
लीज भूमि में लोग किसी भी तरह का व्यापार तक नहीं कर रहे हैं। एसोसिएशन ने इसके लिए वृहद आंदोलन की रणनीति तय की, सभी से एकजुट होने का आह्वान किया गया। तय हुआ कि 12 जुलाई को यहां पहुंच रहे केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा के साथ शिव मंदिर में बैठक होगी, इस मुद्दे पर वृहद विचार-विमर्श होगा। सभी से बैठक में बढ़चढ़कर भाग लेने की अपील की गई। इस अवसर पर छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी, भुवन शाह, व्यापार मंडल महासचिव हर्ष वर्धन पंत, विमल सती, हिमांशु उपाध्याय, कामरान कुरेशी, भगवान शाह, गिरीश भगत, दीप भगत, हरीश रावत सहित तमाम लोग मौजूद थे।