गरमपानी (नैनीताल)। कैंची धाम और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ही वहां जगह जगह अतिक्रमणकारियों ने भारी भरकम निर्माण कर डाले। इस पर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए यहां हुुए अवैध निर्माण कार्यों के ध्वस्तीकरण के आदेश दे दिए हैं। शुक्रवार को निरीक्षण के बाद एसडीएम अनुराग आर्या ने शुरुआती तौर पर 20 अतिक्रमण ध्वस्त करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद कैंची धाम और इसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से निर्माण करा रहे लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
दो साल पहले जिला प्रशासन ने यहां हुए अवैध निर्माण और अतिक्रमण ध्वस्त करने के आदेश जारी किए थे लेकिन बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे थे। शुक्रवार को एसडीएम अनुराग आर्या ने क्षेत्र का भ्रमण कर वहां हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण की जांच की। उसके बाद कैंची धाम, खैरना, गरमपानी और बेतालघाट क्षेत्र में 20 लोगों के अतिक्रमण ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं। कहा कि जल्द ही तहसील क्षेत्र में हुए अतिक्रमण को भी ध्वस्त किया जाएगा।
शिप्रा नदी के सहारे बना दिए होटल और रेस्टोरेंट
गरमपानी (नैनीताल)। कैंची धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के साथ निर्माण कार्यों में भी बेहिसाब तेजी आई है। शुक्रवार को एसडीएम अनुराग आर्या जब कैंची धाम पहुंचे तो उन्हें वहां शिप्रा नदी से लगे और उसके किनारे पर एनजीटी के नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए होटल और रेस्टोरेंट नजर आए। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जांच कमेटी गठित कर नियमों को धता बताते हुए बनाए गए निर्माण कार्यों की जांच के लिए प्राधिकरण और वन विभाग को पत्र भेजा है। एसडीएम ने बताया कि कैंची धाम में शिप्रा नदी किनारे ही दीवार लगाकर लोगों ने होटल और रेस्टोरेंट निर्माण किए हैं। उन्होंने कहा कि यहां एनजीटी के नियमों का उल्लंघन किया गया है। एसडीएम ने कहा कि गलत तरीके से किए गए निर्माण कार्यों की जांच कराने के लिए टीम गठित की है। जांच रिपोर्ट में अनियमितता मिलने पर अवैध निर्माण कार्य ध्वस्त किए जाएंगे।
कैंची धाम और इसके आसपास के क्षेत्रों में एनजीटी के नियमों के विपरीत अवैध रूप से निर्माण कार्य होने की शिकायतें मिली थी। संबंधित एसडीएम को इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे अथवा सरकारी भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होगी।
-ललित मोहन रयाल जिलाधिकारी नैनीताल