हल्द्वानी। महिला दिवस के समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत भाजपा नेता हेमंत द्विवेदी के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे के मामले से साफ किनारा कर गए। पूछे जाने पर मुख्यमंत्री केवल इतना कह कर चुप हो गए कि कानून अपना काम करेगा।
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हेमंत द्विवेदी के खिलाफ कुछ ही दिन पहले जमीन मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने रात में यह मुकदमा दर्ज किया और इसके भाजपा नेता हेमंत द्विवेदी के नाम से पुलिस पोर्टल पर भी पोस्ट किया। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी भाजपा के निशाने पर आ गए थे और भाजपा में दिल्ली के नेताओं तक बात जा पहुंची थी। कई भाजपाई इस मामले को संगठन और सरकार के अंदरूनी सत्ता संघर्ष से भी जोड़ कर देख रहे हैं। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत हल्द्वानी में महिला दिवस के समारोह में भाग लेने पहुंचे तो माना जा रहा था कि इस मामले को स्थानीय नेता उनके सामने उठाएंगे।
समारोह की व्यस्तता और मुख्यमंत्री का रुख भांपकर यह मामला भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री के सामने उठाया ही नहीं। बाद में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को कुरेदा तो वे इस मामले पर ज्यादा कुछ कहने से साफ बच गए। मुख्यमंत्री के इस रुख के बाद अब भाजपा का धड़ा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के खिलाफ अपनी मुहिम में नई रणनीति तय करने को विवश है। कारण यह भी है कि एसएसपी के खिलाफ यह धड़ा अन्य कारणों से उठ खड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री के सामने एक भाजपा कार्यकर्ता की ओर से एसएसपी को धमकाने का सवाल उठा तो मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गलत है और जो इसका समर्थन करता है वो और भी गलत है।