रामनगर (नैनीताल)। रामनगर में सिपाही की गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि पहाड़ से गांजा चोरी छिपे मैदानी क्षेत्रों की ओर आ रहा है और पुलिस का संरक्षण भी है। सिपाही कब से ऐसा कर रहा है अभी इस सवाल का जवाब मिलना बाकी है। शहर में कई जगह खुलेआम पुलिस की मिलीभगत से चरस और गांजे की बिक्री हो रही है। इससे युवा पीढ़ी को बर्बाद हो रही है।
पांच किलो गांजे के साथ पकड़े गए सिपाही ने बताया कि वह अपने गांव में ख्ेाती बाड़ी करने वाले मजदूरों के लिए गांजा ले रहा था। उसने इसे किसी से नहीं खरीदा है। पुलिस को यह बात हजम नहीं हो रही है। पुलिस यदि सख्ती से पूछताछ करे तो कई बड़े कारोबारी पुलिस की चंगुल में हो सकते है।