हल्द्वानी। शुक्रवार की तड़के हुई बारिश के चलते हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित काठगोदाम में वर्षों पुराना पाखड़ का विशालकाय पेड़ भरभराकर सड़क पर आ गिरा। टूटे हुए पेड़ की चपेट में आने से एक टैंपो व पेड़ के नीचे स्थित भुट्टे का स्टाल क्षतिग्रस्त हो गया। अलबत्ता अफरातफरी के बीच पेड़ के आसपास मौजूद लोग किसी तरह बाल-बाल बच गए। पेड़ गिरने से दो घंटे से अधिक समय तक एनएच में यातायात प्रभावित रहा, जिसके चलते सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लगा रहा।
शुक्रवार सुबह हुई बरसात के बाद साढ़े आठ बजे के करीब जायका रेस्टोरेंट के सामने स्थित पाखड़ का एक विशालकाय पेड़ सड़क पर आ गिरा। इससे मौके पर खड़ा एक टैंपो और भुट्टे का स्टाल क्षतिग्रस्त हो गया। पेड़ गिरने से मौके पर जाम लग गया। सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारियों ने जेसीबी की मदद से किसी तरह दो घंटे की मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त पेड़ को हटाकर यातायात सुचारु कराया। यातायात सुचारु होने तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
मांग के बाद भी नहीं की गई लॉपिंग
हल्द्वानी। काठगोदाम निवासी मनमोहन सिंह बिष्ट बताते हैं कि वह पिछले कई वर्षों से वन विभाग के अधिकारियों से सड़क किनारे स्थित पाखड़ के पेड़ों की लॉपिंग कराने की मांग करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि तत्कालीन वन मंत्री बंशीधर भगत से भी उन्होंने पाखड़ के वर्षों पुराने पेड़ों की लॉपिंग कराने की मांग की थी लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा।
जानमाल का खतरा अब भी बरकरार
हल्द्वानी। काठगोदाम में सड़क किनारे जिस स्थान पर शुक्रवार को पाखड़ का पेड़ गिरा उसी जगह पर पाखड़ के दो और विशालकाय पेड़ खड़े हैं। एक पेड़ की शाखाएं तो दुकान की छत के ऊपर से होते हुए सड़क तक पहुंच गई हैं जबकि दूसरे पेड़ की शाखाएं सड़क के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन को छू रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग के अधिकारी नहीं चेते तो यहां भविष्य में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।