हल्द्वानी। आखिरकार निगम की दुकानों में मरम्मत के नाम पर हो रहे अवैध निर्माण को नगर निगम की टीम ने तोड़ दिया। शुक्रवार को छुट्टी का फायदा उठाते हुए किराएदार ने नगर निगम की दुकान का मूल स्वरूप बदलते हुए पक्का लिंटर डाल दिया था। उधर मेयर की भी अवैध निर्माण में नींद टूटी है, उन्होंने मरम्मत की आड़ में नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।
अमर उजाला ने नगर निगम डाल-डाल, अतिक्रमणकारी पात-पात शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि कैसे निगम के दुकानदार ने मरम्मत के नाम पर दुकान का मूल स्वरूप बदलते हुए लिंटर डाल दिया है। शुक्रवार को मेयर जोगेंद्र रौतेला और नगर आयुक्त हरवीर सिंह ने इसका संज्ञान लिया। मेयर ने साफ कहा कि बोर्ड बैठक के नियमों का पालन किया जाएगा। किसी भी दशा में मरम्मत के नाम पर नगर निगम की दुकान का मूल स्वरूप नहीं बदलने दिया जाएगा। इसके बाद नगर आयुक्त हरबीर सिंह नगर निगम की टीम के साथ मंगलपड़ाव में निगम की दुकान में बने अवैध निर्माण को तोड़ने पहुंचे। टीम ने दुकान की नपाई की तो पाया कि दुकान का मूल स्वरूप बदला गया है। इसके बाद नगर निगम की टीम ने दुकान का लेंटर तोड़ दिया। अवैध निर्माण में कार्रवाई से निगम के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। इस दौरान कर अधीक्षक विजेंद्र चौहान, कर निरीक्षक भरत त्रिपाठी मौजूद रहे।
प्राधिकरण की नाक के नीचे हो रहा है अतिक्रमण
हल्द्वानी। अधिकारी और राजनेताओं के गठजोड़ के चलते शहर में बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण धड़ल्ले से चल रहे हैं। सभी निर्माण अधिकारियों के नाक के नीचे किए जा रहे हैं। आखिर अधिकारी किसके दबाव में कार्रवाई नहीं कर रहे हैं या अधिकारियों का निजी स्वार्थ इसमें छिपा है। इस पर सवाल उठ रहे हैं। ये निर्माण सभी पॉश इलाके में हो रहे हैं। सभी निर्माण ऊंची पहुंच रखने वाले के हैं।
शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने शहर में बन रहे मॉलों का जायजा लिया। सबसे पहले अमर उजाला की टीम रामपुर रोड लक्ष्मी सिनेमा के पास पहुंची। यहां बेसमेंट खोदा गया था। साथ ही सरिया और बीम खड़े करने के लिए गड्ढे खोदे गए थे। अधिकारियों से इसकी जानकारी चाही तो पहले अधिकारी आनाकानी करते रहे। बाद में बताया कि इसका नक्शा पास नहीं कराया गया है। फाइल जिलाधिकारी कार्यालय में पड़ी है।
इसके बाद टीम मंगलपड़ाव लक्ष्मी शिशु मंदिर पर पहुंची। स्कूल के आगे ऊंची पहुंच रखने वालों की ओर से बेसमेंट खोदकर मॉल का निर्माण किया जा रहा था। जब इसके बारे में अधिकारियों से जानकारी मांगी गई तो उनका कहना था कि उनके कार्यालय से कोई नक्शा पास नहीं कराया गया है। पूर्व में नक्शा पास कराने की भी उनके पास जानकारी नहीं है। नियमानुसार बेसमेंट खोदने के लिए इसकी अनुमति जिलाधिकारी कार्यालय से लेनी होती है। जिलाधिकारी खान विभाग से इसकी रिपोर्ट मांगते हैं। इसमें बेसमेंट से निकले उपखनिज की रायल्टी विभाग के पास जमा करानी होती है। लेकिन विभाग में दोनों निर्माणों की कोई रायल्टी नहीं जमा कराई गई है।
सदर बाजार में भी नाक के नीचे हो गया निर्माण पूरा
सदर बाजार में बहुमंजिली इमारत का प्राधिकरण सचिव और नगर आयुक्त के नोटिस के बाद भी निर्माण पूरा हो गया। उसके बाद भी दोनों विभागों ने कोई कार्रवाई नहीं की। ये हाल तब है जबकि न तो इसका नक्शा पास कराया गया था, बकायदा यह जमीन नजूल की है। इसे फ्री होल्ड तक नहीं कराया गया। बताया जा रहा है कि यह भी ऊंची पहुंच रखने वाली की दुकान है। जिलाधिकारी को भी इसकी जानकारी थी।
मेरी ओर से लक्ष्मी शिशु मंदिर के पास मॉल बनाने का नक्शा पास नहीं किया गया है। पूर्व में कोई परमिशन ली गई है या नहीं इसके बारे में कार्यालय में कोई सूचना नहीं है। जेई छुट्टी में है। बाबू को कोई जानकारी नहीं है। जेई के आने के बाद पुरानी परमिशन के बारे में जानकारी मिल पाएगी। लक्ष्मी पिक्चर हॉल के पास भी मॉल बनाने का नक्शा पास नहीं है। इसका नक्शा जरूर आया है। लेकिन अभी तक पास नहीं हुआ है। किस आधार पर निर्माण किया जा रहा है। इसकी मुझे जानकारी नहीं है। - पंकज उपाध्याय सचिव नगर विकास प्राधिकरण
बेसमेंट खोदने से पहले डीएम से बेसमेंट खोदने की अनुमति लेनी होती है। खान विभाग इसकी रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को देता है। लक्ष्मी सिनेमा रामपुर रोड और लक्ष्मी शिशु मंदिर मंगलपड़ाव के पास उनकी ओर से बेसमेंट खोदने कोई अनुमति नहीं दी गई है। बिना परमिशन के बेसमेंट खोदा गया होगा। तो इस पर दो लाख रुपये जुर्माना और रायल्टी के पांच गुने की वसूली की जाएगी। - राजपाल लेघा उपनिदेशक खनन कुमाऊं
मेरी जानकारी में ये मामला नहीं है। मेरी ओर से कोई नक्शा पास नहीं किया गया है। बिना नक्शा पास कराए और बेसमेंट खोदने की अनुमति लिए बिना कोई निर्माण कार्य चल रहा होगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। - हरबीर सिंह सचिव जिला विकास प्राधिकरण