हल्द्वानी। लाली ओ लाली हौसिया, पधानी लाली तीलै धारो बोला ..., कोका तेरा कुछ-कुछ कैंदा ... नीलिमा-नीलिमा सहित कुमाऊंनी, गढ़वाली, राजस्थानी और पंजाबी गीतों से राष्ट्रीय सरस मेला परिसर गूंज उठा। वहीं मेले में स्वयं सहायता समूहों के आने का क्रम जारी है। मंगलवार को मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश के स्वयं सहायता समूह मेले में पहुंचे। अब तक कुल 186 स्टॉल लग चुके हैं।
मेले के दूसरे दिन आगंतुकों के मनोरंजन के लिए सूचना विभाग से पंजीकृत दल आंचल लोक कला केंद्र के कलाकारों ने सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। सांस्कृतिक टीम ने लोकगीतों का सुंदर प्रस्तुतीकरण किया। वहीं, सीडीओ और मेले के मुख्य संयोजक प्रकाश चंद्र ने बताया कि मंगलवार तक विभिन्न प्रांतों के 19 स्वयं सहायता समूह मेले में पहुंच चुके हैं। वहां प्रशिक्षु आएएएस सौरभ गहरवार, परियोजना निदेशक बालकृष्ण, डीडीओ रमा गोस्वामी, राहुल मिश्रा आदि थे।
किस राज्य के कितने स्टॉल लगे (स्वयं सहायता समूह)
कर्नाटक एक
उत्तरप्रदेश दो
हिमाचल आठ
बिहार एक
पंजाब पांच
मध्यप्रदेश दो
उत्तराखंड 80
नोट : इसके अलावा 23 व्यावसायिक और 64 विभिन्न विभागों के स्टाल लगे हैं।