हल्द्वानी। सूबे में अब 16 नये डिग्री कॉलेज नहीं खुलेंगे। शासन ने इन सभी डिग्री कॉलेजों की प्रशासकीय स्वीकृतियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इन कॉलेजों को खोले जाने की घोषणा पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की ओर से की गई थी।
उत्तराखंड शासन के प्रभारी सचिव (उच्चशिक्षा) अशोक कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उच्चशिक्षा विभाग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 में उत्तराखंड राज्य के विभिन्न जनपदों में नवीन महाविद्यालय स्थापित/ संचालित किए जाने के लिए प्रशासनिक स्वीकृतियां दी गई थीं जिनके संबंध में शासन स्तर पर इन प्रशासनिक स्वीकृतियों को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। इनमें कुमाऊं मंडल के पांच और 10 गढ़वाल मंडल के हैं।
यहां खुलने थे नये डिग्री कॉलेज
नैनीताल : रामगढ़ में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिव नारायण सिंह नेगी के नाम से
अल्मोड़ा : दन्या में जनरल बीसी जोशी के नाम से और भनौली में
पिथौरागढ़ : डीडीहाट
ऊधमसिंह नगर : सितारगंज के बरा में
टिहरी गढ़वाल : बडियार क्षेत्र में, सकलाना के सत्यों में शहीद नागेंद्र सकलानी के नाम से और नरेंद्रनगर के जाजल में
देहरादून: क्वांसी, बालावाला, ऋषिकेश के श्यामपुर में
हरिद्वार : लक्सर में महिला महाविद्यालय, झबरेड़ा में
उत्तरकाशी : मोरी में
रुद्रप्रयाग : चोपता (नागपुर) में
शासन द्वारा वित्तीय सत्र 2016-17 में स्वीकृत नवीन राजकीय महाविद्यालयों की प्रशासकीय स्वीकृतियां निरस्त के बारे में लिए गए निर्णय के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। इतना जरूर है कि बिना सर्वे के कोई नया राजकीय महाविद्यालय नहीं खोले जाएगा।
- डॉ. एनपी माहेश्वरी, उच्चशिक्षा निदेशक
हरीश रावत ने उठाए सवाल
हल्द्वानी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में पहाड़ के दुर्गम ग्रामीण अंचलों तक उच्चशिक्षा पहुंचाने के लिए बहुत काम किया, नये डिग्री कालेज खोले भी गए जिनमें लड़कियों की संख्या लड़कों से काफी अधिक है। अब तीन साल बाद 15 नवीन राजकीय महाविद्यालयों की स्वीकृतियां निरस्त करने का निर्णय लिया जाना गलत है। लड़के तो दूर भी पढ़ने चले जाएंगे मगर लड़कियां कहां जा पाएंगी।