हल्द्वानी। राष्ट्रीय सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी और भीम फोर्स के नेताओं ने पुलिस प्रशासन से 400 लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस करने की मांग की है। मुकदमा वापस न होने पर जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है।
दोनों संगठनों से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं नेझारखंड में हुई मॉब लिंचिंग के दौरान तबरेज की हत्या के खिलाफ राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने के लिए शनिवार को जुलूस निकाला था। अधिकारियों के न मिलने पर गुस्साए लोगों ने एसडीएम कोर्ट के सामने सड़क जाम कर दिया। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने चार नामजद सहित 400 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। इसके विरोध में दोनों संगठनों के लोगों ने रविवार को लाइन नंबर 17 स्थित मुजाहिद चौक पर नुक्कड़ सभा की। इस दौरान सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल राजिक, प्रदेश महामंत्री इस्लाम मिकरानी, पार्षद शकील अंसारी, भीम फोर्स के महानगर अध्यक्ष नफीस अहमद, शमशाद अंसारी, सेराज ने कहा कि बनभूलपुरा, भोटिया पड़ाव पुलिस चौकी को जुलूस निकालने की सूचना दी गई थी। इसके बावजूद कोई अधिकारी ज्ञापन लेने के लिए नहीं आया। आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल लोगों को प्रताड़ित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में यदि पुलिस प्रशासन मुकदमा वापस नहीं करता है तो लोगों को नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से जागरूक कर जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा।
मुकदमे वापस लो वर्ना जेल भरो आंदोलन होगा
नुक्कड़ सभा में राष्ट्रीय सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी और भीम फोर्स के नेताओं ने चेताया
मुकदमे हो रहे हैं मगर विधायक मौन हैं : उवेश
हल्द्वानी। बनभूलपुरा संघर्ष समिति के संयोजक उवेश राजा ने मॉब लिंचिंग के विरोध में प्रदर्शन करने पर 400 लोगों पर मुकदमा दर्ज किए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होेंने कहा कि प्रशासन का अगर मन न भरा हो तो संघर्ष के लिए वह भी तैयार हैं। इंसाफ के लिए हजारों युवा आवाज उठाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया है कि बनभूलपुरा के लोगों पर मुसीबत आने के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश गायब हो जाती हैं। राजा ने कहा कि चोरगलिया रोड पर बस से कुचलकर बच्चे की मौत के समय भी कई मासूम युवाओं पर मुकदमे थोपे गए। शनिवार को तबरेज अंसारी को न्याय दिलवाने के लिए बनभूलपुरा के लोग जब ज्ञापन देने गए तो उन पर भी मुकदमे लगा दिए गए। विधायक ने कुछ भी नहीं बोला। वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि वह शहर से बाहर हैं। मामला उनकी जानकारी में नहीं है।