नैनीताल। एचएनबी केंद्रीय विश्वविद्यालय के संबद्ध महाविद्यालयों में पीएचडी न हो पाने और श्रीदेव सुमन की वैधानिकता के मामले में हाईकोर्ट ने अब विश्वविद्यालय, केंद्र सरकार और राज्य सरकार का जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने इन सभी से चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने सोमवार को देहरादून निवासी एवं अधिवक्ता अरुण कुमार शर्मा की याचिका पर सुनवाई की। यह मामला पहले भी कोर्ट में आया था और उस समय 24 जून को सुनवाई करना तय किया गया था। यह मामला एचएनबी केंद्रीय विश्वविद्यालय के परिसर से ही पीएचडी होने देने के फैसले से जुड़ा है। विवि के इस आदेश के कारण संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थी पीएचडी नहीं कर पा रहे हैं। याची के मुताबिक पीएचडी नहीं होने से कई विद्यार्थी असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसी याचिका में याची ने श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय की वैधानिकता को भी चुनौती दी हुई है।
पीएचडी के मामले में एचएनबी विवि, राज्य और केंद्र सरकार का जवाब तलब
विश्वविद्यालय के संबद्ध कॉलेजों में छात्र नहीं कर पा रहे हैं पीएचडी
श्रीदेव सुमन विवि की वैधानिकता को भी कोर्ट में चुनौती
हाईकोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर मांगा जवाब