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सात समुंदर पार से मिलेगी मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने में मदद

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हल्द्वानी। वन विभाग नंधौर अभयारण्य से सटे तराई पूर्वी वन प्रभाग में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और बाघों के संरक्षण के लिए जूलोजिकल सोसाइटी ऑफ लंदन (जेडएसएल) से मदद लेगा। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं के अनुसार जल्द जेडएसएल के अधिकारी क्षेत्र का दौरा करेंगे।
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जेडएसएल के सहयोग से वन विभाग नंधौर अभयारण्य में कैमरा ट्रैप की मदद से वास स्थल का अध्ययन कराया था। साथ ही जेडएसएल के जरिए अभयारण्य से सटे ग्रामीणों क्षेत्रों के लोगों की निर्भरता कम करने की कोशिश शुरू की गई है। अभी तक जेडएसएल नंधौर अभयारण्य के अंतर्गत शारदा, नंधौर, जौलासाल और डांडा रेंज में काम कर रहा है। विभाग की योजना है कि नंधौर अभयारण्य से सटे तराई पूर्वी वन प्रभाग के दक्षिण जौलासाल, खटीमा और किलपुरा रेंज में जेडएसएल के सहयोग से काम काम शुरू किया जाए। हाल में वनाधिकारियों ने लंदन का दौरा भी किया था। जहां पर योजना के संबंध में प्रारंभिक बातचीत भी हुई है। इसमें सकारात्मक संकेत भी मिले हैं।

सात समंदर पार से मिलेगी मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने में मदद
जेडएसएल से मदद लेने की तैयारी, तराई पूर्वी वन प्रभाग का चयन

इन क्षेत्रों में करेगा मदद
- मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने में सहयोग
- वन कर्मियों को संसाधन उपलब्ध कराना
- वास स्थल का अध्ययन
- ग्रामीणों की जंगल पर निर्भरता कम करने में मदद
- वन कर्मियों की क्षमता, कुशलता में वृद्धि


जेडएसएल नंधौर अभयारण्य में बाघों के संरक्षण के लिए वन विभाग को वाहन, कैमरा ट्रैप समेत अन्य संसाधन देने के साथ इको टूरिज्म विकसित करने और मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने की दिशा में मदद कर रहा है। अभी नंधौर अभयारण्य में जेडएसएल मदद कर रहा है, अब योजना के दायरे में तराई पूर्वी वन प्रभाग को भी शामिल करने की है। इस संबंध में जल्द ही जेडएसएल के अधिकारी दौरा भी करेंगे।।
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-विवेक पांडे, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं
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