हल्द्वानी। उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक बैंकिंग प्रतिस्पर्धा के दौर में वित्तीय लेनदेन की उच्च तकनीक को अपनाने पर जोर दे रहा है। इसमें नेटबैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग भी शामिल हैं। इनका आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष दान सिंह रावत ने बताया कि बैंक सॉफ्टवेयर को मॉडल के रूप में स्वीकारने लगा है। बाजार की इस स्पर्धा में बैंक टीसीएस, विप्रो इन्फोसिस, आई एक्सीड आदि सॉफ्टवेयर कंपनियों से बैंकिंग तकनीक उपलब्ध कराने पर विचार कर रहा है। इन आईटी कंपनियों की मदद लेने से बैंक को अपना स्वतंत्र सर्वर नहीं लगाना होगा। क्लाउड आधारित तकनीक का लाभ लेते हुए उपभोक्ताओं को साइबर क्राइम के खतरे से सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाएगा। पूर्व में कॉसमोस सहकारी बैंक में हुए साइबर अटैक से बचने के लिए सहकारी बैंक ने यह निर्णय लिया है। पूर्व में कॉसमोस सहकारी बैंक में हुए साइबर अटैक में एटीएम से करोड़ों रुपये निकाल लिए गए। साइबर क्राइम रोकने के लिए उच्च तकनीक को अपनाया जा रहा है।
साइबर क्राइम रोकने को सहकारी बैंक की पहल
प्रतिस्पर्धा के दौर में उच्च तकनीक का ले रहा सहारा