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फर्जी टूर्नामेंट खेलने वाले ताइक्वांडो खिलाड़ी पर दो साल का प्रतिबंध

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हल्द्वानी। फर्जी टूर्नामेंट में खेलने वाले खिलाड़ी के खिलाफ फेडरेशन ने कड़ा कदम उठाया है। फर्जी प्रतियोगिता खेल कर आए खिलाड़ी पर ताइक्वांडो संघ ने दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंध के बाद वह फेडरेशन की ओर से होने वाले किसी भी टूर्नामेंट में शामिल नहीं हो सकेगा।
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शहर का रहने वाला वंश परिहार एक निजी स्कूल का छात्र है। कुछ दिन पहले वह चतुर्थ इंडिया इंटरनेशनल ताइक्वांडो टूर्नामेंट में प्रतिभाग करने गया था। यहां पर छात्र ने मेडल भी जीता। जिला ताइक्वांडो संघ को जब खिलाड़ी के बारे में सूचना मिली तो टूर्नामेंट के बारे में जानकारी की गई। यह टूर्नामेंट ताइक्वांडो फेडरेशन की ओर से मान्यता प्राप्त नहीं था। जांच में यह भी पता चला कि खिलाड़ी ने कभी जिला या राज्य के किसी भी टूर्नामेंट का क्वालीफाइंग स्तर भी पास नहीं किया। वह फेडरेशन की ओर से आयोजित जिले और राज्य की प्रतियोगिताओं में मेडल नहीं जीत सका। फर्जी टूर्नामेंट खेलने की जांच करने के बाद जिला फेडरेशन ने वंश परिहार पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया। अब वह दो साल तक फेडरेशन के किसी भी टूर्नामेंट में प्रतिभाग नहीं कर सकेगा।



फर्जी टूर्नामेंट खेलने वाले ताइक्वांडो खिलाड़ी पर दो साल का प्रतिबंध
ताइक्वांडो संघ ने की कार्रवाई, दो साल तक नहीं खेल पाएगा प्रतियोगिताएं


वंश परिहार पर फर्जी टूर्नामेंट में प्रतिभाग करने पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है। इसकी जानकारी फेडरेशन से जुडे़ सभी पदाधिकारियों और कोच को भेज दी गई है। वह दो साल तक किसी भी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकेगा। -ललित आर्य, सचिव, जिला ताइक्वांडो संघ
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सावधान : जांच-परख कर जाएं प्रतियोगिताएं खेलने
खिलाड़ी सावधान हो जाएं। वह जांच-परख कर ही किसी भी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने जाएं। राज्य ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ.डीके सिंह के अनुसार किसी भी प्रतियोगिता में शामिल होने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत है।
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-यह प्रतियोगिता मान्यता प्राप्त फेडरेशन करा रही है या नहीं।
-फेडरेशन ओलंपिक संघ और नेशनल फेडरेशन से मान्यता प्राप्त है कि नहीं।
-आमंत्रण टूर्नामेंट में जाने से पहले पूरी जांच कर लें।
-टूर्नामेंट में चयन के नाम पर पैसा लेने, खेलने जाने का खर्च मांगने वालों से दूर रहें।
-फेडरेशन, ओलंपिक संघ, सरकारी मान्यता प्राप्त टूर्नामेंट में खेलने के लिए और चयन के लिए कोई शुल्क नहीं लगता।
-किसी भी टूर्नामेंट में फेडरेशन और ओलंपिक संघ जब तक शामिल न हो उसका प्रमाण पत्र भी मान्य नहीं होता।
-विदेश में होने वाले टूर्नामेंट में उस खेल का नेशनल फेडरेशन, स्पोर्ट्स अथारिटी ऑफ इंडिया और ओलंपिक संघ शामिल न हो तो जाने से बचें।
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