नैनीताल। कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर में प्रोफेसरों, कार्यालय स्टाफ के साथ ही अन्य कर्मियों की हाजिरी के लिए परिसर के सभी विभागों में बायोमैट्रिक मशीन लगा दी गई हैं। अब प्रोफेसरों के साथ ही अन्य स्टाफ के वेतन का भुगतान विभागाध्यक्ष की ओर से सत्यापित बायोमैट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही किया जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद परिसर निदेशक की ओर से शिक्षकों को पांच घंटे और अन्य कर्मियों को तय समय के अनुसार ड्यूटी करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
कोर्ट के आदेश के क्रम में कुविवि के डीएसबी परिसर में भी एक अगस्त से ये व्यवस्था लागू कर दी है। परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी ने बताया कि पहले निदेशक कार्यालय में बायोमैट्रिक मशीन लगाई गई थी लेकिन इससे असुुविधा हो रही थी। बताया कि परिसर के प्रोफेसरों, कार्यालय स्टाफ के साथ ही अन्य कर्मियों की सुविधा को देखते हुए ये व्यवस्था बनाई गई है। सभी विभागों में बायोमैट्रिक मशीन लगाई गई है। उन्होंने बताया कि पूर्व व्यवस्था के अनुसार प्रोफेसरों और कर्मियों की मासिक उपस्थिति का हस्तलिखित विवरण विभागाध्यक्ष से सत्यापित होकर आता था, जिसके बाद वेतन जारी किया जाता था। उन्होंने बताया कि अब बायोमैट्रिक मशीन का डिजिटल डेटाबेेस विभागाध्यक्ष की ओर से सत्यापित कर दिया जाएगा, जिसके बाद वेतन जारी होगा।