नैनीताल। एक संस्था की ओर से बीएम साह ओपन ईयर थियेटर को गोद लेने का दावा करने के बाद रंग कर्मियों में असंतोष है। रंग कर्मियों ने काले फीते बांध कर विरोध जताया और थियेटर के बाहर नारेबाजी की। कहा कि वह जल्द ही इस संबंध में जिलाधिकारी से मिलेंगे।
शनिवार को बीएम साह ओपन ईयर थियेटर में इदरीश मलिक समेत कई रंगकर्मी इकट्ठा हुए। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को जनहित संस्था की ओर से बीएम साह ओपन ईयर थियेटर गोद लेने का दावा किया गया। शुक्रवार को ग्रीष्मकालीन नाटकों के समापन के बाद पुरस्कार वितरण होना था। जनहित संस्था के लोगों का कहना है कि अब यहां कोई कार्यक्रम नहीं करने देंगे। इदरीश मलिक ने बताया कि बीएम साह थियेटर के व्यक्ति थे और उन्हीं के नाम पर इसका नाम बीएम साह ओपन ईयर थियेटर रखा गया है। यह जगह नाट्य महोत्सव के लिए आरक्षित की गई और अब यहां एक राजनीतिक संस्था अपना अधिकार जमाना चाहती है। रंग कर्मियों ने कहा कि हम ऐसा नहीं होने देंगे। जल्द ही वह इसके विरोध में जिलाधिकारी से मिलेंगे। रंग कर्मियों ने कहा कि यह जगह नाट्य कर्मियों की धरोहर है। इसे किसी एक संस्था को देना उचित नहीं होना। यह जगह किसी को गोद देना भी उचित नहीं है। काले फीते बांध कर विरोध जताने वालों में मंच के संरक्षक कमल मलिक, महेश जोशी, तारा चौधरी, मंजूर हुसैन, पवन कुमार, नीरज डालाकोटी, मनोज साह, भुवन बिष्ट, संजय तिवारी, नासिर अली, मदन मेहरा, मुकेश धस्माना, अजय कुमार, किशन लाल, नवीन बेगाना, अंकित, मोहन लाल, सुनील कुमार, गुड्डू आदि मौजूद रहे। जनहित संस्था के अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि उनका किसी राजनीतिक संगठन से कोई लेनादेना नहीं है। संगठन पर समापन समारोह के बाद पुरस्कार वितरण प्रभावित करने का आरोप लगाया जा रहा है, जो गलत है। उनके संगठन ने कोई पुरस्कार वितरण नहीं रोका है। उनके संगठन में अधिकांश लोग सरकारी सेवाओं से निवृत्त हैं। नगर पालिका ने विज्ञापन निकाला था कि वह पार्क गोद देना चाहते हैं इसके बाद जनहित संगठन ने आवेदन किया है। अगर जनहित संस्था को पार्क नहीं मिला तो किसी अन्य संगठन को मिलेगा। ऐसे में रंग कर्मी बिना किसी कारण ही उनका विरोध कर रहे हैं और उन पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।