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पांच माह मिट्टी तेल की सप्लाई नहीं होने से उपभोक्ता मायूस

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गरुड़ (बागेश्वर)। जिले के सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में पांच माह से कैरोसीन की आपूर्ति नहीं होने से उपभोक्ता परेशान हैं। कैरोसीन की सप्लाई नहीं होने से कृषि कार्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
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विकास खंड के अंतर्गत सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में जिला पूर्ति विभाग ने दिसंबर से कैैरोसीन की सप्लाई नहीं दी है। मालूम हो कि गोमती और लाहुरघाटी के दूर दराज के कुछ गांवों में अकसर बिजली गुल रहती है। लोगों को रात में रौशनी के लिए छिलकों का सहारा लेना पड़ता है। गढ़सेर गांव निवासी सेवानिवृत्त प्रवक्ता गोपाल दत्त पाठक का कहना है कि सीएम त्रिवेंद्र रावत के सत्ता की बागडोर संभालने के बाद राज्य की जनता को कैरोसीन के लिए मोहताज होना पड़ रहा है। कहा कि जंगलों में अब छिलका भी उपलब्ध नहीं है। किसान क्लब देवनाई के अध्यक्ष सुंदर बरोलिया का कहना है कि कैरोसीन उपलब्ध नहीं होने से खेतीबाड़ी पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। उन्होंने विकास खंड के हर कार्ड धारक को माह में पांच लीटर मिट्टी तेल देने की मांग की है। जिला पूर्ति अधिकारी जीएस कंडारी का कहना है कि कैरोसीन की आपूर्ति के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। एक माह के अंदर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में कैरोसीन की आपूर्ति कर दी जाएगी।

किसानों के जलपंप शोपीस बने
सिंचाई विभाग की नहरों की हालत खस्ता है। नहरों में समय पर पानी की सप्लाई नहीं होता है। किसान सिंचाई जलपंप से खेतों में पानी पाटते थे। मिट्टीतेल ने मिलने के कारण विकास खंड के अधिकांश गांवों के किसानों के सिंचाई जलपंप शोपीस बन गए हैं।
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विकास खंड गरुड़ के कुमरौड़ा गांव निवासी प्रगतिशील काश्तकार मनोज भरड़ा, बचे सिंह भरड़ा ने बताया कि सिंचाई विभाग की दो-दो जलपंप क्रय किए थे। कैरोसीन नहीं होने के चलते पंप पांच माह से जंग खा रहे हैं। मन्यूड़ा के काश्तकार खेतों को नहीं सींच पा रहे है। नौघर के काश्तकार जीवन सिंह ने बताया कि बड़ेत नहर से पानी की सप्लाई नहीं होने से नौघर, सिटोली, सेलीहाट आदि गांवों के काश्तकार सालों से जल पंप से सिंचाई करते आ रहे है। कंट्रोल की दुकानों में चार माह से कैरोसीन उपलब्ध नहीं होने से काश्तकारों में सरकार के प्रति रोष है। मेलाडुंगरी के प्रधान बलवंत सिंह भंडारी ने बताया कि विकास खंड के अधिकांश काश्तकारों ने मिट्टी तेल से चलने वाले जलपंप क्रय किए है।
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