रामनगर (नैनीताल)। पीरूमदारा के हिम्मतपुर गांव में शनिवार सुबह पांच बजे बड़ा हादसा हो गया। देहरादून से चितई मंदिर अल्मोड़ा जा रहे परिवार की कार पेड़ से जा टकराई। हादसे में दंपति, चालक समेत चार लोगों की मौत हो गई। दो साल का मासूम घायल हो गया। उसे प्राथमिक उपचार के बाद काशीपुर रेफर कर दिया गया है। दंपति एलआईसी में कार्यरत थे। पुलिस का मानना है कि चालक का झपकी आने से हादसा हुआ है।
हिमगिरी एवेन्यू लेन नंबर 4 कॉलोनी नेहरू ग्राम नत्थनपुर देेहरादून निवासी हिमांशु असवाल (32) पुत्र स्व. वीरेंद्र असवाल अपनी पत्नी पूजा (30), मां सरोज बाला (50) और दो साल के बेटे कृष्णांक के साथ अल्मोड़ा के पास स्थित गोलज्यू मंदिर चितई जा रहे थे। उन्होंने स्विफ्ट डिजायर कार यूके 07/टीबी 2650 बुक की थी। कार को ज्वालापुर हरिद्वार के मोहल्ला राजनगर बी 135 निवासी सूरज सैनी (30) पुत्र रामगोपाल चला रहा था। शनिवार तड़के करीब पांच बजे एनएच 121 रामनगर-काशीपुर मार्ग पर आमपानी गेट हिम्मतपुर ब्लॉक के पास हादसा हो गया।
पीरूमदारा पुलिस चौकी प्रभारी कविंद्र शर्मा ने बताया कि काशीपुर के मोहल्ला महेशपुरा निवासी अमित की सूचना पर घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को संयुक्त चिकित्सालय लाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। हिमांशु की सुसराल हल्द्वानी से सास प्रेमा देवी और अन्य परिजन भी रामनगर अस्पताल पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए, जबकि घायल बच्चे कृष्णांक को प्राथमिक उपचार के बाद काशीपुर भेजा गया।
रामनगर के हल्दुआ के पास सुबह पांच बजे हादसा, दो साल का मासूम घायल
कार बुक कर देहरादून से चितई मंदिर अल्मोड़ा जा रहा था परिवार
कोई वाहन रोक देता तो शायद मिल जाता उपचार
पीरूमदारा पुलिस चौकी प्रभारी कविंद्र शर्मा ने बताया कि काशीपुर के अमित ने सबसे पहले दुर्घटनाग्रस्त कार को देखा। वह दोस्तों के साथ नैनीताल से घर लौट रहा था। उसने अपने साथियों के साथ मोबाइल की टॉर्च से कार में झांका तो देखा कि उसमें सवार सभी लोग अचेत थे। उसने वहां से गुजर रहे वाहनों को रोकने का प्रयास किया लेकिन किसी ने भी गाड़ी नहीं रोकी। बच्चे के रोने की आवाज सुनने पर वह उसे लेकर पीरूमदारा पुलिस चौकी पहुंचा।
ट्रेन का टिकट कन्फर्म नहीं हुआ इसलिए कार से गए
घर वालों ने बताया कि हिमांशु को परिवार समेत ट्रेन से आना था। इसके लिए उन्होंने देहरादून से हल्द्वानी की टिकट करा ली थी मगर टिकट कन्फर्म न होने के कारण उन्होंने ट्रेन की यात्रा का इरादा छोड़ दिया। मजबूर होकर टैक्सी बुक कराई थी। दिल्ली से उनकी बहन हिमानी ट्रेन से हल्द्वानी पहुंच गई थी।
अनाथ हो गया दो साल का मासूम कृष्णांक
रामनगर (नैनीताल)। हादसे में मां-बाप और दादी को खोने के बाद दो साल का मासूम कृष्णांक अनाथ हो गया। अस्पताल में जिसने भी बच्चे को देखा वह अपने आंसू नहीं रोक पा रहा था। अपनी बेबस आंखों से कृष्णांक मम्मी-पापा और दादी को खोज रहा था। उसे क्या मालूम था कि जिसने उसके लिए बड़े-बड़े सपने देखे थे वे अब इस दुनिया में नहीं रहे।
दो भाइयों की इकलौती बहन थी पूजा
हल्द्वानी। हादसे की शिकार पूजा का मायका हल्द्वानी में है। पिता देवेंद्र सिंह भारतीय जीवन बीमा निगम से प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हैं। पूजा दो भाइयों की इकलौती बहन थी। एक भाई डॉ. नितेश सिंह देहरादून में और दूसरा भाई डॉ. मनीष सिंह भिकियासैंण (अल्मोड़ा) के सरकारी अस्पताल में कार्यरत है। इकलौती बेटी होने की वजह से परिवार की लाड़ली थी। देवेंद्र सिंह पहले परिवार के साथ त्रिलोक नगर में किराये पर रहते थे। इन दिनों कठघरिया में किराये के घर में रहते हैं।
गृह प्रवेश का कार्यक्रम टाल दिया
हल्द्वानी। पूजा के पिता देवेंद्र सिंह ने हाल ही में बिठौरिया की डिफेंस कालोनी में नया मकान बनाया है। इसका 20 अप्रैल को गृह प्रवेश था। पूजा को भी अपने परिवार के साथ इस कार्यक्रम में भी शामिल होना था। लेकिन इस हादसे के बाद यह उत्सव स्थगित कर दिया गया है। नए घर में गृह प्रवेश था इसको लेकर घर में तैयारियां चल रही है।