हल्द्वानी। पहले से बारिश की मार झेल रहे गौलापार के किसानों के लिए शुक्रवार की रात काली रात साबित हुई। सिंचाई विभाग की मुख्य नहर में देर रात छोड़ा गया पानी सीतापुर, कालीपुर और किशनपुर में किसानों के खेतों में पहुंच गया। इससे लगभग 150 एकड़ में काटकर रखा गया गेहूं भीगकर खराब हो गया। सिंचाई विभाग की लापरवाही पर किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
सीतापुर, कालीपुर और किशनपुर क्षेत्र के अधिकांश किसानों ने गेहूं की कटाई कर उसे खेतों में ही सूखने के लिए छोड़ दिया था। शुक्रवार की रात 12 बजे के करीब क्षेत्र की मुख्य नहर में एकाएक पानी छोड़ दिया गया। नहर की सफाई न होने के कारण पानी आसपास के खेतों में घुस गया। किसानों को सुबह खेत पानी से लबालब मिले। स्थानीय किसान भुवन पोखरिया ने डीएम और एसडीएम को फोन कर फसल के खराब होने की जानकारी दी। साथ ही सिंचाई विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में किसानों ने बैठक कर कहा कि यदि शीघ्र सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और अविलंब किसानों को मुआवजा नहीं दिया तो वह धरना-प्रदर्शन करेंगे। बैठक में किसान गुरूमेज सिंह भुल्लर, तलबिंदर सिंह भुल्लर, राजवीर सिंह, हर्षदीप सिंह, जसवंत सिंह, कुलदीप सिंह, खड़क सिंह, बालीराम आर्य, दीवान राम आर्य, बसंत राम, राजू राम, हरीश राम, शंकर राम, चंद्रपाल और तारा आर्या आदि शामिल थे।
देर रात को नहर में छोड़ा पानी, 150 एकड़ में कटी फसल हुई चौपट
जिलाधिकारी से लापरवाही अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
सिंचाई विभाग के कारनामा से किसानों में गुस्सा, मांगा मुआवजा