बिंदुखत्ता (नैनीताल)। अखिल भारतीय किसान महासभा की ओर से देशभर में किसान मुक्ति यात्रा संचालित की जा रही है। इसके उत्तराखंड पहुंचने पर आठ अक्तूबर को नगर में किसान मुक्ति रैली निकलेगी। साथ ही पांच सितंबर को महासभा की जिला कमेटी का प्रतिनिधिमंडल क्षेत्रीय विधायक नवीन दुम्का को ज्ञापन देकर बिंदुखत्ता में भूमि के मालिकाना हक और विद्युत पोल लगाने संबंधी चुनावी वायदों को निभाने की मांग करेगा।
इसकी तैयारी के लिए रविवार को यहां बैठक हुई। इसमें किसान महासभा के राज्य अध्यक्ष कामरेड पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार चुनाव पूर्व किसानों से किए अपने वायदे से मुकर रही है। प्रधानमंत्री ने किसानों की कर्ज माफी और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप उपज की लागत में 50 प्रतिशत मुनाफा जोड़ कर समर्थन मूल्य देने का वायदा किया था। उन्होंने कहा देश के किसान आंदोलन के रास्ते पर हैं। किसान संगठन एक मंच पर आकर देशभर में किसान मुक्ति यात्रा निकाल रहे हैं। इसी क्रम में आठ अक्तूबर को किसान मुक्ति यात्रा को लेकर अभाकिस नगर में यात्रा निकालेगा। महासभा के जिलाध्यक्ष कामरेड बहादुर सिंह जंगी ने कहा कि यह सरकार और क्षेत्रीय विधायक अब बिंदुखत्ता के किसानों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने और यहां बिजली के पोल लगाने के अपने चुनावी वायदे पर भी मौन हैं। बिंदुखत्ता किसान आंदोलन के पुराने सहयोगी गोपाल सिंह दानू के निधन पर शोक भी जताया गया। बैठक में कामरेड आनंद नेगी, विमला रौथाण, गोविंद जीना, कुंवर सिंह चौहान, हरीश गोस्वामी, पुष्कर दुबड़िया, कुंदन बिष्ट, कमल जोशी, ललित मटियाली, हरीश भंडारी, स्वरूप सिंह दानू, बहादुर राम, पुष्कर पंडा, मदन धामी आदि थे।