हल्द्वानी। ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने की रोक लगने के बाद लोगों ने आरक्षित वन क्षेत्र को कूडे़दान में तब्दील कर दिया है। हद तो यह है कि कूड़ा डालने के बाद इसमें आग भी लगा दी है। इससे आरक्षित वन क्षेत्र के कई पेड़ सूख गए हैं। वहीं वन विभाग सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाने में लगा हुआ है।
हाइकोर्ट में ट्रंचिंग ग्राउंड में वाद दायर करने के बाद अपने बचाव में आए वन विभाग ने नगर निगम के चार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने से रोक लगा दी थी। एक दिन रोक लगाने के बाद नगर निगम को मौखिक रूप से सशर्त अनुमति दे दी गई। उधर जिला पंचायत, नैनीताल और भवाली को कूड़ा डालने की अनुमति नहीं दी। रोक लगने के बाद हल्द्वानी ग्रामीण क्षेत्र से कूड़ा नहीं उठ पा रहा था लेकिन कुछ लोगों ने अब गौला नदी से लगती हुई वन विभाग की जमीन को ही कूड़ा घर बना दिया है। रात में यहां कूड़ा डाला जा रहा है।
कूड़े में आग लगाई, कई पेड़ सूखे
वन विभाग के अधिकारी सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाने में व्यस्त
वन विभाग के गश्त में उठे सवाल
आरक्षित वन क्षेत्र में जिस तरीके से कूड़ा डाला जा रहा है। उससे वन विभाग की गस्त में भी सवालिया निशान लगने शुरू हो गए हैं। आखिर वन विभाग कैसी गश्त कर रहा है। क्यों विभाग के अधिकारियों को अपने जंगल के बारे में ही जानकारी नहीं है।
मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अगर आरक्षित वन क्षेत्र में कूड़ा डालते हुए कोई गाड़ी पकड़ी गई तो उसे सीज कर दिया जाएगा। वाहन आरक्षित वन क्षेत्र में न घुस पाए इसके लिए खाई खोदी जाएगी।
नीतिश मणि त्रिपाठी डीएफओ तराई पूर्वी वन प्रभाग
जिला पंचायत की आठ गाड़ियों को ही मिली परमिशन
हल्द्वानी। नगर निगम ने सीमा विस्तार के बाद शामिल होने वाले 36 गांवों की आठ गाड़ियों को ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने की अनुमति दे दी है। उधर 18 गाड़ियों को अभी भी अनुमति नहीं दी गई हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों को कूड़ा पांचवें दिन भी नहीं उठ सका। जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद ने बताया कि उनकी आठ गाड़ियों को अनुमति दी हैं। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों का कूड़ा नहीं उठ पा रहा है। इससे करीब पांच हजार परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
ट्रंचिंग ग्राउंड को लेकर तेज हुई राजनीति
हल्द्वानी। ट्रंचिंग ग्राउंड को लेकर राजनीति तेज हो गई है। नगर आयुक्त ने वनभूलपुरा थाने में तहरीर सौंपी है। उन्होंने ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने का विरोध करने वालों पर चोरगलिया रोड स्थित पुस्तकालय मैदान का ताला तोड़ने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने को कहा है। इंदिरा नगर जनविकास समिति के पदाधिकारियों ने दूसरे दिन भी बुद्ध पार्क में धरना दिया।
इंदिरा नगर जन विकास समिति के पदाधिकारियों ने ट्रंचिंग ग्राउंड हटाने की मांग को लेकर सोमवार को चोरगलिया रोड स्थित पुस्तकालय मैदान में धरना दिया था। साथ ही समिति के तीन पदाधिकारियों ने क्रमिक अनशन किया था। इसमें कांग्रेस के नेता भी शामिल हुए थे। नगर आयुक्त ने थानाध्यक्ष वनभूलपुरा को तहरीर दी है। तहरीर में बताया गया है कि रईशा बेगम और शमीमा बानो पुस्तकालय प्रभारी के पत्र के अनुसार ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने का विरोध करने वालों ने सोमवार को पुस्तकालय मैदान गेट का ताला तोड़ दिया और इस मैदान में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। पत्र में इस आधार पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
दूसरे दिन धारा 144 लागू होने और मैदान में राजनीति शुरू होने के बाद इंदिरा नगर जनविकास समिति के पदाधिकारी नफीस अहमद खान क्रमिक अनशन में बैठे। उधर समिति के पदाधिकारी एक-एक कर बुध पार्क पहुंचे और नफीस अहमद खान को समर्थन दिया।
नगर आयुक्त ने वनभूलपुरा थाने में सौंपी तहरीर
चोरगलिया रोड पुस्तकालय मैदान के गेट का ताला तोड़ने का लगाया आरोप